Wednesday 06-May-2026

झारखंड में भाजपा-आजसू पार्टी गठबंधन ने 9 सीटें जीतीं, शिबू सोरेन की JMM को बड़ा झटका

झारखंड में भाजपा-आजसू पार्टी गठबंधन ने 9 सीटें जीतीं, शिबू सोरेन की JMM को बड़ा झटका

झारखंड में 2019 के लोकसभा चुनावों में भारी जीत दर्ज करने वाले भाजपा-आजसू पार्टी गठबंधन ने इस बार तीन महत्वपूर्ण सीटें खो दीं, जिससे राज्य में इसकी सीटों की संख्या घटकर नौ रह गई। प्रदेश में 2019 में भाजपा के नेतृत्व वाले राजग ने 12 सीटें जीती थी। उस वक्त आजसू को एक सीट मिली थी। भाजपा और आजसू पार्टी ने 2024 में दूसरी बार गठबंधन में चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो के नेतृत्व वाले गठबंधन ने भाजपा को बड़ा झटका देते हुए सभी पांच आदिवासी सीटों - खूंटी, सिंहभूम, लोहरदगा, राजमहल और दुमका - पर जीत हासिल की। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने तीन सीटों - सिंहभूम, राजमहल और दुमका - पर अच्छा प्रदर्शन किया। सिंहभूम में झामुमो की जोबा माझी ने भाजपा की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी गीता कोड़ा को 1.68 लाख मतों के बड़े अंतर से हराया।

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा की पत्नी कोड़ा लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गईं। वह 2019 में राज्य में कांग्रेस की एकमात्र सांसद थीं। झामुमो के विजय हांसदा ने राजमहल सीट पर भाजपा के ताला मरांडी को 1.78 लाख मतों से हरा दिया।

दुमका में भाजपा की सीता सोरेन को झामुमो के नलिन सोरेन के हाथों हार का सामना करना पड़ा। नलिन ने कड़े मुकाबले में 22,527 मतों के अंतर से जीत हासिल की। झामुमो की तीन बार विधायक रहीं सीता भी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो गईं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया। भाजपा ने पहले इस सीट से मौजूदा सांसद सुनील सोरेन के नाम की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उनका नाम वापस ले लिया और सीता सोरेन की उम्मीदवारी की घोषणा की।

भाजपा ने 2019 में खूंटी और लोहरदगा में जीत दर्ज की थी, जबकि सिंहभूम में कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। वर्ष 2019 में दुमका और राजमहल में भाजपा और झामुमो ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस ने खूंटी और लोहरदगा लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की, जिसमें केंद्रीय मंत्री और मौजूदा सांसद अर्जुन मुंडा और भाजपा के समीर उरांव को करारी शिकस्त मिली। कांग्रेस के कालीचरण मुंडा ने अर्जुन मुंडा को 1.49 लाख वोटों से हराया। इसी तरह लोहरदगा में कांग्रेस के सुखदेव भगत ने भाजपा के समीर उरांव को 1.39 लाख मतों से हराया।

निर्वाचन आयोग ने बताया कि भाजपा के काली चरण सिंह ने कांग्रेस के के एन त्रिपाठी को 2.20 लाख वोटों से हराकर चतरा सीट जीती, जबकि मौजूदा सांसद विद्युत बरन महतो ने झामुमो के समीर कुमार मोहंती को 2.59 लाख वोटों से हराकर जमशेदपुर सीट बरकरार रखी। केंद्रीय मंत्री और भाजपा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने भाकपा (माले) के विनोद कुमार सिंह को 3.77 लाख वोटों से हराकर कोडरमा सीट बरकरार रखी। भाजपा के मनीष जायसवाल ने कांग्रेस के जे पी पटेल को 2.76 लाख वोटों से हराकर हजारीबाग सीट जीती। आजसू पार्टी ने एकमात्र गिरिडीह सीट जीती, जहां उसके उम्मीदवार चंद्रप्रकाश चौधरी ने झामुमो के मथुरा महतो को 80,880 वोटों से हराया।

रांची में भाजपा सांसद संजय सेठ ने कांग्रेस की यशश्विनी सहाय को 1.20 लाख वोटों से हराकर सीट बरकरार रखी। सेठ ने 2019 में यशश्विनी के पिता सुबोध कांत सहाय को 2.82 लाख वोटों के अंतर से हराकर रांची सीट जीती थी। यशश्विनी ने चुनावों में अपनी राजनीतिक शुरुआत की। मौजूदा भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के प्रदीप यादव को हराकर गोड्डा लोकसभा सीट 1.01 लाख वोटों के अंतर से जीती। दुबे 2009 से इस सीट पर जीतते आ रहे हैं।

भाजपा उम्मीदवार विष्णु दयाल राम ने राजद की ममता भुइयां को हराकर 2.88 लाख मतों के अंतर से पलामू लोकसभा सीट जीती। पुलिस महानिदेशक रह चुके राम को 7,70,362 वोट मिले, जबकि भुइयां को 4,81,555 वोट मिले। इस बीच, भाजपा के दुलु महतो कांग्रेस की अनुपमा सिंह के खिलाफ धनबाद सीट से 3.31 लाख वोटों से बढ़त बनाये हुये हैं।