पटना, इंपैक्ट लाइव टीम।
किडनी का स्टोन निकल जाने के बाद जब मरीज को पूरी राहत नहीं मिली और उसके पेशाब से खून आना शुरू हो गया तब फोर्ड हॉस्पिटल के डॉक्टर उसक लिए मसीहा बनकर उभरे। सिपारा के रहने वाले 43 वर्षीय पिंकु कुमार (बदला हुआ नाम) ने पटना के एक अस्पताल में किडनी स्टोन की सर्जरी कराई थी। सर्जरी में किडनी का स्टोन तो निकल गया मगर किडनी डैमेज हो गया। इसके बाद उसके पेशाब से लगातार खून आ रहा था। तब मरीज के परिजन उसे लेकर बाईपास स्थित फोर्ड हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर पहुंचे।
फोर्ड हॉस्पिटल के वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजी सोसाइटी ऑफ इंडिया के कार्यकारी समिति के सदस्य डॉ. बीबी भारती की देखरेख में अनुभवी कार्डियोलॉजिस्ट की टीम ने उनका इलाज शुरू किया। डॉ. भारती ने जांच के बाद पाया कि मरीज के पास दो ही विकल्प थे- पहला तो यह कि उसकी किडनी निकाल दी जाय और दूसरा कि उसका रक्त स्राव बंद किया जाय। डॉक्टरों ने दूसरा विकल्प चुना। यद्यपि यह काम ज्यादा मुश्किल था मगर मरीज के हित को देखते हुए यहां के डॉक्टरों ने यह फैसला लिया।
फोर्ड हॉस्पिटल के कैथ लैब में उसका ऑपरेशन शुरू किया। डॉक्टरों ने पहले उसके फीमरल आर्टरी से कैथेटर डाला। इसके बाद माइक्रो कैथेटर डालकर क्वाइल से उसका रक्तस्राव बंद कर दिया। यह काफी मुश्किल प्रक्रिया थी, मगर अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने इसे सफलतापूर्वक कर दिखाया। इस ऑपरेशन में शामिल डॉक्टरों की टीम में डॉ. भारती के अलावा डॉ. सुशांत, डॉ. अनिल भी शामिल थे।