रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को केंद्रीय बजट में राज्य की उपेक्षा करने के लिए केंद्र की आलोचना की और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता केंद्र द्वारा राज्य को दिये जाने वाली बकाया राशि को लेकर चुप हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र पर राज्य का 1.36 लाख करोड़ रुपये बकाया है और उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार झारखंड के बकाये का भुगतान करें।
बता दें कि बजट में अगले पांच साल में 20 लाख युवाओं को कुशल बनाने का लक्ष्य है। झारखंड के युवा कौशल विकास में उन्नत होंगे और उनके रोजगार की संभावना बढ़ेगी। वहीं इस बार बजट में कृषि प्रक्षेत्र में झारखंड के किसानों को खेती-बाड़ी के लिए 32 कृषि और बागवानी फसलों की नई 109 उच्च पैदावार वाली और जलवायु अनुकूल किस्में का लाभ मिल सकेगा। एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक कृषि के तहत सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि संघीय ढांचे का उदाहरण देखिए। बजट मंगलवार को पेश हुआ और 27 तारीख को नीति आयोग की बैठक रखी गई है। फिर किसका साथ-किसका विकास? जहां तक झारखंड को 40 हजार करोड़ रुपये बजट में देने की बात है, तो यह राशि किस हिसाब से दी जा रही है और बदले में कितना ले रहे हैं, यह बताया या नहीं?