Thursday 19-Feb-2026

झारखंड के राज्यपाल ने कहा, आदिवासी केवल शब्द नहीं यह एक संस्कृति है; इसे बचाने की जररूरत

झारखंड के राज्यपाल ने कहा, आदिवासी केवल शब्द नहीं यह एक संस्कृति है; इसे बचाने की जररूरत

रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने गुरुवार को कहा कि ‘आदिवासी’ केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक संस्कृति है। अगर हम अपनी संस्कृति और परंपरा को भूल जाएंगे, तो हम अपने समाज और देश को नुकसान पहुंचाएंगे। हमें अपनी संस्कृति को बचाए रखने की जरूरत है। राज्यपाल संतोष गंगवार ‘रांची विमिंस कॉलेज’ में विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे।

वहीं आदिवासी परंपरा की सराहना करते हुए राज्यपाल ने कहा, कि मुझे यहां पता चला कि आदिवासी समाज में लड़की की शादी में दहेज देने की परंपरा नहीं है। यह बहुत अच्छी प्रथा है और हमें यह समझना होगा कि ऐसी अच्छी चीजों को कैसे अपनाया जाए। वहीं इससे पहले रांची महिला महाविद्यालय में आयोजित समारोह में उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय प्राचीन काल से ही भारतीय सभ्यता और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।

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राज्यपाल ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आदिवासी समुदाय की कला, संस्कृति, लोक साहित्य, परंपराएं और रीति-रिवाज विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं। राज्यपाल ने कहा कि राज्य की 3.28 करोड़ से अधिक आबादी में आदिवासी आबादी करीब 27 प्रतिशत है। इसके अलावा राज्य में 32 प्रकार की अनुसूचित जनजातियां हैं, जिनमें आठ प्रकार के विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूह (पीवीटीजी) शामिल हैं।