केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शु्क्रवार को यहां बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख ने न तो पिछड़े वर्गों और न ही 'यादव' समुदाय के लोगों के कल्याण के लिए कोई काम किया। शाह ने आरा संसदीय क्षेत्र से अपनी पार्टी के उम्मीदवार आर. के. सिंह के पक्ष में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, अगर घमंडिया गठबंधन का हिस्सा राजद जीतता है तो बिहार में जंगलराज की वापसी होगी। लोग बिहार में जंगलराज, गैंगवार या अपहरण उद्योग की वापसी नहीं चाहते। लालू प्रसाद ने न तो पिछड़े वर्गों के कल्याण के लिए काम किया, न ही अपनी जाति (यादव समुदाय) के लोगों के लिए। यादव समुदाय के लोग गलत धारणा रखते हैं कि लालू उनके लिए (कोई विकास का) काम करेंगे।
शाह ने कहा, लालू जी ने अपने दो बेटों को मंत्री बनाया, एक बेटी को राज्यसभा भेजा और दूसरी बेटी लोकसभा का चुनाव लड़ रही है, अपनी पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया। वह अपनी जाति के लोगों के कल्याण के बारे में नहीं सोच सकते। उन्होंने कहा, कांग्रेस और राजद अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण को छीनकर इसे मुसलमानों को देने की कोशिश कर रहे हैं। मोदी जी के नेतृत्व वाला एनडीए ऐसा नहीं होने देगा। कांग्रेस के अलावा लालू और ममता सभी ओबीसी के आरक्षण-विरोधी हैं। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने हाल ही में पश्चिम बंगाल में कई समुदायों को दिया गया ओबीसी का दर्जा रद्द कर दिया। वे पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं।
अमित शाह ने यह भी कहा, लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे होने के बाद, मैं आपको परिणाम बता सकता हूं। छठे चरण का मतदान कल होगा। मोदी जी पांचवें चरण तक 310 सीट पर जीत हासिल करते नजर आ रहे हैं। लालू प्रसाद की पार्टी (राजद) अपना खाता भी नहीं खोल पाएगी। इस चुनाव में 'इंडिया' गठबंधन को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अगर आरा लोकसभा सीट से भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी लेनिनवादी) का उम्मीदवार जीतता है, तो एक बार फिर बिहार में नक्सलवाद लौट आएगा।
आरा लोकसभा सीट के लिए एक जून को मतदान होना है और केंद्रीय मंत्री आर. के. सिंह एक बार फिर चुनाव मैदान में हैं। भाकपा (माले) के सुदामा प्रसाद आरा से महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।