देश में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में मंगलवार को 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 93 निर्वाचन क्षेत्रों में 61.55 प्रतिशत मतदान हुआ। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में छिटपुट हिंसा की सूचना मिली हैं। निर्वाचन आयोग के रात आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक असम में सबसे अधिक 75.30 प्रतिशत मतदान हुआ, गोवा में 74.32 प्रतिशत और पश्चिम बंगाल में 73.93 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि महाराष्ट्र में 54.98 प्रतिशत मतदान हुआ। मतदान सुबह सात बजे शुरू हुआ। मतदान समाप्त होने का आधिकारिक समय शाम छह बजे था, हालांकि इससे पहले (छह बजे से पहले) मतदान केंद्र पहुंच कतार में लगे मतदाताओं को अवसर प्रदान करने के कारण इसमें इजाफा किया गया।
आयोग के अनुसार, ये अनुमानित आंकड़े हैं और जैसे-जैसे ब्योरा एकत्र किया जा रहा है, इनके बढ़ने की संभावना है। निर्वाचन आयोग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 57.34 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 67.07 प्रतिशत, दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव में 65.23 प्रतिशत, कर्नाटक में 68.22 प्रतिशत और मध्य प्रदेश में 63.22 प्रतिशत मतदान हुआ। लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में 8.39 करोड़ महिलाओं सहित कम से कम 17.24 करोड़ लोग मतदान करने के पात्र थे और 18.5 लाख अधिकारियों द्वारा संचालित 1.85 लाख मतदान केंद्र स्थापित किए गए।
गुजरात में, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने मताधिकार का उपयोग किया। प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने अहमदाबाद के एक मतदान केंद्र पर अपने मताधिकार का उपयोग किया। इस चरण में कद्दावर नेताओं में केंद्रीय मंत्री शाह (गांधीनगर), ज्योतिरादित्य सिंधिया (गुना), मनसुख मांडविया (पोरबंदर), पुरुषोत्तम रूपाला (राजकोट), प्रह्लाद जोशी (धारवाड़) और एसपी सिंह बघेल (आगरा) शामिल हैं।
इस चरण में भाजपा के लिए काफी कुछ दांव पर हैं क्योंकि पिछले चुनाव में उसने गुजरात, कर्नाटक और मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों की अधिकतर सीटों पर जीत हासिल की थी। उत्तर प्रदेश में, समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार के कुछ सदस्य इस चरण में किस्मत आजमा रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में चार निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में हिंसा की छिटपुट घटनाओं के कारण मुर्शिदाबाद और जंगीपुर सीटों के विभिन्न हिस्सों में तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस-सीपीआई (एम) कार्यकर्ता एक-दूसरे से भिड़ गए। अधिकारियों के अनुसार, मुर्शिदाबाद में सबसे अधिक 76.49 प्रतिशत मतदान हुआ। मालदा दक्षिण में 73.68 प्रतिशत, मालदा उत्तर में 73.30 प्रतिशत और जंगीपुर में 72.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तृणमूल कांग्रेस, भाजपा और कांग्रेस-मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने चुनावी हिंसा, मतदाताओं को डराने-धमकाने और चुनाव एजेंट पर हमले से संबंधित अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराईं।
निर्वाचन आयोग को सुबह नौ बजे तक 182 शिकायतें मिलीं, जिनमें से अधिकतर मुर्शिदाबाद और जंगीपुर निर्वाचन क्षेत्रों से थीं। मुर्शिदाबाद सीट पर वाम-कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार मोहम्मद सलीम ने दावा किया कि उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र के रबीनगर इलाके में एक 'फर्जी बूथ एजेंट' को पकड़ा। रबीनगर क्षेत्र में जब सलीम ने कथित तृणमूल गुंडों द्वारा माकपा के बूथ एजेंट को घेरने के आरोपों के बाद एक मतदान केंद्र में प्रवेश करने की कोशिश की तो उन्हें 'वापस जाओ' के नारों का सामना करना पड़ा। सलीम ने कहा, तृणमूल ने पूरे निर्वाचन क्षेत्र में आतंक फैलाया हुआ है। निर्वाचन आयोग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।