प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुजफ्फरपुर में एक चुनावी जनसभा के दौरान कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला करते हुए कहा, इनके नेता कहते हैं कि पाकिस्तान ने चूड़ियां नहीं पहनी हैं। पीएम ने तंज कसते हुए कहा, अरे भई! पहना देंगे। उनको आटा भी चाहिए। उनके पास बिजली भी नहीं है। हमें मालूम नहीं कि उनके पास चूड़ियां भी नहीं हैं। पीएम मोदी ने लोगों से सवाल किया, क्या आप मोहल्ले में ढीला-ढाला पुलिसवाला पसंद करते हैं? टीचर भी मजबूत चाहते हैं। फिर देश का प्रधानमंत्री मजबूत होना चाहिए कि नहीं? डरपोक प्रधानमंत्री देश चला सकता है क्या? ये इतने डरे हुए हैं कि इन्हें सपने में भी पाकिस्तान का परमाणु बम दिखता है। ऐसी पर्टियां, ऐसे नेताओं को देश दे सकते हैं क्या? कोई मुम्बई हमले में पाकिस्तान को क्लीन चिट दे रहा है, कोई सर्जिकल और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहा है। ये लेफ्टवाले तो भारत के परमाणु हथियारों को ही खत्म करना चाहते हैं। ऐसा लगता है जैसे इंडी गठबंधन वालों ने भारत के खिलाफ ही किसी से सुपारी ले ली है। ऐसे स्वार्थी लोग राष्ट्र रक्षा के लिए कड़े फैसले ले सकते हैं क्या? ऐसे दल जिनके अंदर ही कोई ठिकाना नहीं वह भारत को मजबूत बना सकते हैं क्या? वे तो भारत को मजबूर बनाकर छोड़ेंगे।
पीएम मोदी ने पहली बार वोट देने जा रहे युवाओं से कहा कि उन्हें तो यह पता भी नहीं होगा कि पहले क्या मुसीबत थी। उद्योग-धंधे चौपट हो गए। शाम होते ही घर में छिपना पड़ता था। पीएम बोले, अपने दादा-दादी, माता-पिता से पूछिए जंगलराज की जिंदगी कितनी भयानक, डरावनी थी। आरजेडी के जंगलराज ने बिहार को कई दशक पीछे धकेल दिया था। एनडीए की सरकार कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाई। पीएम ने नक्सलवाद का जिक्र करते हुए कहा कि मुजफ्फरपुर और बिहार ने दशकों इसका जख्म सहा। पहले की सरकारों ने नक्सलवाद को पाला-पोसा और इनका आपके खिलाफ इस्तेमाल किया। अब नक्सलवाद प्रभावित जिले कम हो रहे हैं। शांति स्थापित होने से उद्योग लौट रहे, निवेश आ रहा है। रोजगार के मौके बढ़ रहे हैं।
अपने करीब 25 मिनट के संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन भारत को बांटने में जुटा है। समाज को आपस में लड़ाकर अपने वोट बैंक के तुष्टिकरण में लगा है। कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार ने रातों-रात सभी मुस्लिम जातियों को हुकुम निकालकर ओबीसी बना दिया। इससे ओबी को मिले आरक्षण में डाका डाला। पहले वाले ओबीसी के पास कुछ नहीं बचा। उन्होंने लेागों से पूछा, क्या यह मॉडल हम बिहार में लागू होने देंगे? आरक्षण पर डाका आपको मंजूर है क्या? पीएम बोले, यहां बिहार में चारा वालों ने और खतरनाक बात कही है। वह दलित, महादलित, पिछड़े, अतिपिछड़े, आदिवासी का आरक्षण उनसे लेकर पूरा का पूरा मुसलमानों को देना चाहते हैं। देश ऐसी कोई भी हरकत नहीं चलने देगा। वे लिख लें। यह मोदी है। जान की बाजी लगा दूंगा, लेकिन न संविधान को हाथ लगाने दूंगा, न धर्म के आधार पर आरक्षण करने दूंगा और न ही एससी, एसटी ओबीसी का आरक्षण छीनने दूंगा। यह मोदी की गारंटी है।