पटना :-उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में अयोजित सदी का सबसे बड़ा महोत्सव महाकुंभ में जाने के लिए बिहार के पटना जंक्शन में ट्रेन पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों से भारी संख्या में लोग आ रहे हैं। भारी भीड़ के कारण कई लोग ट्रेन में चढ़ने से वंचित रह गए। दरअसल, मामला ये है कि प्रयागराज जाने के लिए यात्री शाम 7:30 बजे पटना जंक्शन पर पहुंचे जहां उन्हें संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस में चढ़ना था।ट्रेन के स्टेशन पहुँचते ही आम लोगों के द्वारा आरक्षित डिब्बों में कब्ज़ा कर लिया गया और दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया गया जिस कारण कई वैध यात्री ट्रेन में चढ़ने से वंचित रह गए। यात्रियों द्वारा दरवाजा पिटने पर भी दरवाजा अंदर से नहीं खोला गया।संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस को आम जनता की राजधानी कहा जाता है जिसमें ये घटना हुई और इस दौरन वहां कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था । जब यात्री इसकी शिकायत करने के लिए स्टेशन मास्टर के पास पहुंचें तो वहां ताला लगा मिला।
सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक या कुव्यावस्था देख के लोग काफी हैरान और परेशान हुए। इतनी बड़ी लापरवाही से ये साबित हो रहा है कि रेलवे को यात्रियों की सुरक्षा या व्यवस्था से ना कोई मतलब है या और ना ही ध्यान.
पटना जंक्शन पर घटना के बाद रेलवे ने कार्यवाई करते हुए, छूटे हुए यात्रियों को दो स्पेशल ट्रेन से प्रयागराज भेजा गया जिसमें एक ट्रेन रात 10 बजे खुली और दूसरी ट्रेन रात 10:30 बजे खुली। वहीं दिल्ली जाने वाले यात्रियों के टिकट के पैसे वापस दे दिए गए।