Tuesday 05-May-2026

मृतक की पत्नी की सिफारिश पर पीडीएस हस्तांतरण गलत नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

मृतक की पत्नी की सिफारिश पर पीडीएस हस्तांतरण गलत नहीं: झारखंड हाईकोर्ट

रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।

झारखंड हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि जन वितरण प्रणाली की दुकान का लाइसेंस अनुकंपा के आधार पर हस्तांतरण करने वाले को मृतक का आश्रित होना और उसे अनुकंपा पर लाइसेंस का दावा करना जरूरी है। अदालत ने कहा कि यदि पत्नी मृतक की आश्रित है और वह लाइसेंस अपने बेटे को हस्तांतरित करने की सिफारिश करती है और लाइसेंस संबंधित व्यक्ति को दिया जाता है तो इसमें कुछ गलत नहीं है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने इस निर्देश के साथ मृतक की पत्नी की सिफारिश पर दिए गए लाइसेंस को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

इस संबंध में हजारीबाग के बड़कागांव निवासी ब्रजकिशोर साव ने याचिका दायर की थी। उन्होंने याचिका दायर कर कहा था कि उनके पिता जनवितरण प्रणाली की दुकान चलाते थे। उनके नाम इसका लाइसेंस था। उनकी मौत के बाद अनुकंपा पर यह लाइसेंस उनके छोटे भाई प्रेम साव को दे दिया गया है। लाइसेंस हस्तांतरित करने में नियमों का पालन नहीं किया गया है। अदालत को बताया गया कि झारखंड लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2022 के अनुसार अनुकंपा पर लाइसेंस हस्तांतरित करने में उतराधिकारियों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में उनके छोटे भाई को लाइसेंस बिना अन्य उतराधिकारियों की अनापत्ति पत्र लिए बिना दे दिया गया है। इसलिए लाइसेंस रद्द कर देना चाहिए।

सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि झारखंड लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2022 में प्रवाधान है कि अनुकंपा के आधार पर मृतक के आश्रित को लाइसेंस हस्तांतरित किया जा सकता है। यदि अनुकंपा के आधार पर उक्त लाइसेंस के लिए अधिक दावेदार हैं तो अन्य दावेदारों से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त किया जाना चाहिए। उपरोक्त प्रावधानों से यह स्पष्ट है कि जो व्यक्ति अनुकंपा के आधार पर उक्त लाइसेंस के हस्तांतरण की मांग कर रहा है, उसे मृतक पर निर्भर होना चाहिए और अनुकंपा के आधार पर उक्त लाइसेंस के लिए दावा करना चाहिए।