झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास पर बुधवार को सत्तापक्ष के विधायकों की बैठक होगी। इसमें सभी विधायकों को उपस्थित रहने के लिए कहा गया है। इसपर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। माना जा रहा है कि बैठक में इंडिया गठबंधन विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति को धार देगा। यह भी चर्चा है कि हेमंत सोरेन को नेतृत्व सौंपने पर भी विधायक अपनी राय दे सकते हैं।
JMM महासचिव विनोद पांडेय ने बैठक की जानकारी देते हुए कहा कि जल्द ही पार्टी की केंद्रीय समिति की भी बैठक होगी। इन बैठकों में विधानसभा चुनाव की रणनीति पर मंथन होगा। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि बैठक के दौरान सभी विधायक मौजूद रहेंगे। बता दें कि हेमंत सोरेन ने भी कहा है कि कार्यकर्ता चुनाव तैयारी में जुट जाएं। विधायकों को कहा गया है कि पांच माह बाद हेमंत सोरेन जेल से बाहर आए हैं और वह गठबंधन के विधायकों से मिलकर राजनीतिक परिस्थितियों पर विचार-विमर्श करना चाहते हैं।
ईडी की कार्रवाई को देखते हुए हेमंत सोरेन ने हिरासत में लिए जाने से पहले विधायकों की बैठक बुलाई थी। बैठक में हेमंत को कोई भी निर्णय लेने के लिए अधिकृत किए गए थे, तब चंपाई सोरेन को नया नेता चुना गया। अब गठबंधन के विधायकों की बैठक बुलाए जाने के बाद नेतृत्व को लेकर उनकी राय सामने आने के आसार हैं। गौरतलब है कि हेमंत सोरेन ने 31 जनवरी को हिरासत में लेने की जानकारी मिलने से पहले सीएम पद से इस्तीफा दिया था और चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया था।