जन सुराज पदयात्रा के संस्थापक प्रशांत किशोर ने मंगलवार को सुपौल जिले के किशनपुर हाई स्कूल मैदान और गोकुल धाम निर्मली में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद यादव अकेले नहीं है जो जात की राजनीति करते हैं। बिहार में आज कोई पंडित का नेता है, कोई कुशवाहा का, कोई राजपूत का तो कोई भूमिहार का नेता है। आज जो जिस जात का नेता है वह जात की राजनीति नहीं कर रहा है। नेता तो अपने और अपने परिवार की राजनीति कर रहा है। बिहार में जैसे लालू प्रसाद अपने बच्चों की चिंता कर रहे हैं वैसे ही आप भी अपने बच्चों की चिंता कीजिए।
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि आप अपने जात वालों को वोट करते हैं कीजिए इसमें कोई दिक्कत नहीं है लेकिन उसका हक लीजिए। आप अपने जात वालों को दूध 50 रुपए का बेचते हैं तो उनसे पैसे लेते हैं इतना ही नहीं धान-गेहूं भी बेचते हैं तो अपने जात वालों से पैसे लेते हैं। जब दूध मुफ्त में नहीं बेचते हैं तो लाखों के वोट जात वालों को मुफ्त में क्यों दे रहे हैं। वोट मुफ्त में नेता को देंगे तो वह और उनके परिवार के लोग हेलीकाप्टर से चलेंगे और आपके लड़का के पास चप्पल भी नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि हम गांव-गांव बिहार के अन्य जिलों में पदयात्रा कर रहे हैं। बिहार में कई बुजुर्ग हमसे कहते हैं कि नीतीश कुमार की सरकार उन्हें 400 रुपये देती है जिससे उनका इन पैसों से कुछ हो नहीं पाता है। मुझे भी लगता है कि 400 रुपये बुजुर्गों को नहीं देकर दो हजार देना चाहिए।