जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर शनिवार को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बांका पहुंचे। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसी किसान के परिवार में बेटी की शादी करनी हो या कोई बीमार पड़ जाए तो एक-दो कट्ठा जमीन बेचे बगैर उपाय नहीं है। आपके बच्चों के पास पढ़कर नौकरी पाने का उपाय नहीं है। खेती से कमाई का रास्ता नहीं है। एक रास्ता और बचा है अगर आपके पास पूंजी होती तो चार गाय-भैंस जरूर पाल सकते थे।
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि आप लोग कोई किराना की दुकान खोल लेते, कोई सीमेंट-बालू का व्यापार कर लेते, वह आप क्यों नहीं कर पाए? वह इसलिए नहीं कर पाए, क्योंकि नेताओं ने बात करने के लिए जात और खाने के लिए भात दिया है। नेताओं ने शिक्षा और रोजगार नहीं दिया। गरीबी खत्म तब होगी, जब युवाओं-महिलाओं को सरकार कर्ज दे, ताकि वे रोजगार कर सकें।
बिहार की गरीबी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कम या ज्यादा सब काम कर रहे हैं, लेकिन आपकी गरीबी खत्म नहीं हुई। गरीबी खत्म तब होगी, जब आपके बच्चों के पढ़ने की व्यवस्था हो। गरीबी खत्म तब होगी, जब यहां के भूमिहीनों को जमीन मिले। गरीबी खत्म तब होगी, जब यहां के युवाओं को महिलाओं को सरकार कर्ज दें, ताकि घर-घर रोजी-रोजगार कर सके।