पटना, इंपैक्ट लाइव रिपोर्टर।
केंद्र सरकार की ओर से हर वर्ष 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाए जाने को लेकर बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी की ओर से प्रतिक्रया सामने आई है। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यह आपातकाल था जब लोकतंत्र की हत्या की गई थी। कई लोगों को बिना किसी गलती के सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। संविधान हत्या दिवस लोकतंत्र को बचाने के लिए यह व्यवस्था की गई है।
वहीं डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस और 'इंडिया' गठबंधन के लोगों ने देश के संविधान को जिस तरह से तार-तार करने की कोशिश की ये एक प्रकार की हत्या है और ऐसे लोग संविधान को छाती से लगारकर घूम रहे थे। जो संविधान के हत्यारे हैं, वो संविधान बचाने की बात कर रहे थे। आने वाली पीढ़ी को ये भ्रमित करते हैं तो उस पीढ़ी को याद दिलाना है कि संविधान का हत्यारा कौन? कांग्रेस के असली चेहरे को दिखाना जरूरी है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का फैसला लिया है। हर साल 25 जून को देश उन लोगों के महान योगदान को याद करेगा, जिन्होंने 1975 के इमरजेंसी के अमानवीय दर्द को सहन किया था। 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने को लेकर भारत सरकार की ओर से एक अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। वहीं, अधिसूचना जारी होने के बाद इसको लेकर खूब राजनीतिक बयानबाजी हो रही है। कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।