यदि हम आपसे कहें कि कोई आईएएस अधिकार आम लोगों की तरह ट्रेन में सफर करता है। पैदल किसी किसी का निरीक्षण करने पहुंच जाता है। शायद ही आप यकीन करेंगे, लेकिन यह सच है। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) एस सिद्धार्थ गुरुवार को ट्रेन से बिहिया स्टेशन पहुंचे। इसके बाद पैदल ही स्कूलों का निरीक्षण करने के लिए निकल गये। रास्ते में मिली छात्राओं से स्कूल का नाम, पता और जाने का रास्ता पूछा और उनके साथ बात करते हुए स्कूल पहुंच गये। पैदल चलने के दौरान ही एसीएस ने छात्राओं से स्कूल में होने वाली पढ़ाई, शिक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य जानकारी ले ली थी।
अपर मुख्य सचिव उर्दू कन्या प्राथमिक विद्यालय बिहिया में पहुंचे तो देखा कि कक्षा एक और दो के बच्चे दरी बिछाकर जमीन पर पढ़ाई कर रहे हैं। इसे देख वे भड़क गये। सबसे पहले बिहिया नगर स्थित कन्या मध्य विद्यालय बिहिया पहुंचे और स्कूल की साफ- सफाई से लेकर पढ़ाई को लेकर घंटों जायजा लिया। इसे लेकर अधिकारी से लेकर शिक्षकों व कर्मियों तक में हड़कंप मचा रहा। उन्होंने कन्या उर्दू प्राथमिक विद्यालय और कन्या मध्य विद्यालय का निरीक्षण किया। वे दोपहर में श्रमजीवी एक्सप्रेस से उतर कर सीधे कन्या मध्य विद्यालय पहुंच गये और स्कूल व वर्ग कक्ष का जायजा लिया।
इसके बाद प्रधानाध्यापक सर्वेश राम के कक्ष में पहुंच शिक्षक व बच्चों की उपस्थिति की जानकारी लेकर क्लास में पहुंच कर शिक्षकों और बच्चों से पढ़ाई के बारे पूछा। छात्रों से गृह कार्य पुस्तिका, कार्य पुस्तिका, डायरी, पुस्तकालय कक्ष, कीड़ा कक्ष, भोजनालय शेड, समरसेबल शेड, हैंड वास सेन्टर और आईसीटी लैब में पहुंच कर कम्प्यूटर की भी जांच की। इस दौरान हेडमास्टर से कम्प्यूटर शिक्षक को बुलाने के लिए कहा। कम्प्यूटर शिक्षक नहीं आ सके। निरीक्षण के दौरान कक्षा एक व दो में नामांकन कम पाया गया। एचएम ने बताया कि सौ मीटर के अंदर दो-तीन प्राथमिक विद्यालय हैं। इस कारण नामांकन कम है।
उर्दू कन्या प्राथमिक विद्यालय में कमरों के अभाव में पहली और दूसरी कक्षा के बच्चे एक साथ एक कमरे में बैठाये गये थे। वहीं दूसरे कमरे में चौथी कक्षा के बच्चे एक साथ पढ़ रहे थे। इस पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। यहां भी उन्होंने बच्चों की कॉपी ले होमवर्क चेक किया। इसके बाद अपर मुख्य सचिव प्रखंड कार्यालय पहुंचे, जहां बीडीओ व सीओ नदारद मिले। बाद में बीडीओ और डीईओ मौके पर पहुंचे। इसके बाद अपर मुख्य सचिव ने दोनों अधिकारियों को स्कूल की व्यवस्था तत्काल देखने को भेजा।