पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल(पीएमसीएच) में दो मरीजों की स्पाइन की सर्जरी गुरुवार को हुई। सर्जरी स्पाइन व ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. (प्रो.) महेश प्रसाद के नेतृत्व में हुआ। एक मरीज समस्तीपुर का तो दूसरा वैशाली का रहने वाले हैं।
समस्तीपुर की 52 वर्षीय बीना देवी(बदला हुआ नाम) 15 जून को पीएमसीएच में कमर दर्द और चलने फिरने में कठिनाई की समस्या के साथ भर्ती हुई थीं। वो विगत छह - सात माह से सही से चल नहीं पा रही थीं। वहीं 25 वर्षीय पिंटू कुमार(बदला हुआ नाम) गर्दन में दर्द की शिकायत और हाथ-पैर से पूर्ण नियंत्रण खत्म होने की शिकायत के साथ 29 जून को पीएमसीएच में दिखाया था। पिंटू पेड़ पर से गिर गया था, जिससे गर्दन के हिस्से की रीढ़ की हड्डी (सर्वाइकल स्पाइन) टूट गई थी। दोनों की सर्जरी डॉ. महेश प्रसाद ने किया। दोनों की सर्जरी क्रमश: डेढ़-डेढ़ घंटा का वक्त लगा। पिंटू की अर्जेंट सर्जरी की गई।
डॉ. महेश प्रसाद ने बताया कि बीना देवी बोलचाल की भाषा में साइटिका से पीड़ित थी। उनके रीढ़ की हड्डी के एल 4-5 डैमेज हो गया था। इसे तकनीकी भाषा में स्पाइनल कैनाल स्टेनोसिस कहते हैं। सर्जरी कर नर्व को ठीक किया गया और डैमेज हिस्से को फिक्स किया गया। वहीं पिंटू के गर्दन की हड्डी के सी-5-6 को प्लेट लगाकर फिक्स किया गया। कुछ दिनों के बाद फिजियोथेरेपी शुरू होगा। पूरी उम्मीद है कि दोनों मरीज के हाथों और पैरों में समय के साथ ताकत आ जाएगी।
उन्होंने बताया कि मरीज की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। निजी अस्पताल में इन सर्जरी के लाखों रुपए लगते। लेकिन हमलोग यहां पूरी तरह मुफ्त में स्पाइन जैसी संवेदनशील और एडवांस सर्जरी कर रहे हैं। यह सब कॉलेज प्राचार्य प्रो. विद्यापति चौधरी और विभागाध्यक्ष डॉ (प्रो.)भरत सिंह के सहयोग, समर्पण और हौसलाअफजाई की वजह से हो पा रहा है। यह काम यहां रेगुलर हो रहा है। एक दिन में दो-दो एडवांस स्पाइनल सर्जरी काफी आम बात है। बिहार जैसे प्रदेश के लिए यह बड़ी बात है। इससे गरीब मरीजों को काफी राहत मिल रही है। सर्जरी में सीनियर रेजीडेंट डॉ. सौरव , डॉ अनिरूद्ध, पीजी स्टूडेंट डॉ. विवेक, डॉ. सत्यजीत, डॉ. सुभाष, डॉ. अमन और डॉ. सफकत आफरीन की एनेस्थसिया यूनिट सहयोगी रही।