बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि अपनी हार को दरवाजे पर दस्तक देता देख अब विपक्षी गठबंधन के शाहजादों को सकारात्मक मुद्दों की याद आ रही है। जब मोदी जी ने अपने 10 साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा तो इनलोगों के पास कहने को कुछ नहीं था। तब दिल्ली में बैठे राहुल गांधी के इशारे पर ये क्षेत्रीय सामंत पूरे देश में जाति, धर्म, भाषा और क्षेत्र के आधार विभाजन को बढ़ावा देकर नकारात्मक माहौल बनाने में जुट गए।
विजय सिन्हा ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव सकारात्मक राजनीति का चोला पहनने की कोशिश कर रहे हैं। उनके पूरे आरोपी परिवार ने अपने जंगलराज से लेकर आज तक आतंक, अराजकता और अवसरवाद का ही खेल खेला। अभद्र भाषा, अलोकतांत्रिक राजनीति, अशोभनीय आचरण जिनकी पार्टी और परिवार की पहचान रही हो वे अब मुद्दों की राजनीति पर प्रवचन दे रहे हैं। वास्तव में जब लोगों ने इन्हें सिरे से नकार दिया है तो ये वेष बदलकर विकास की बातें करने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि जिस गठबंधन के नेता कभी एक साथ मंच पर आ नहीं सके, एक साझा घोषणपत्र नहीं ला पाए, देशभर में साझा उम्मीदवार नहीं उतार सके , उनसे लोग क्या अपेक्षा करते। विपक्षी गठबंधन के लोग शायद भूल गए थे कि 'ये पब्लिक है, ये सब जानती है' । देश की जनता को शुरू से ही समझ में आ गया था कि नेताओं के रूप में अधूरा गठबंधन बनाने वाले ये लोग दरअसल भ्रमित करने वाले अभिनेताओं की टोली भर है।