बिहार में लोकसभा चुनाव के पहले चरण की चार सीटों औरंगाबाद, गया (सु.), नवादा एवं जमुई (सु.) में मतदान का औसत गिर गया है। इन सीटों पर शुक्रवार को हुए मतदान के दौरान पिछले लोकसभा चुनाव से पांच प्रतिशत कम मतदान हुआ। इन सभी सीटों पर 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान औसतन 53.47 प्रतिशत मतदान हुआ था जबकि इस बार के मतदान में इन चारों सीटों पर औसतन 48.23 प्रतिशत मतदान हुआ।
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एचआर श्रीनिवास ने कम मतदान का प्रमुख कारण गर्मी की अधिक होना बताया। उन्होंने कहा कि गर्मी का प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। सभी मतदान केंद्रों की जांच करायी गयी थी, वहां धूप से बचाव के उपाय भी किए गए थे। लेकिन अधिक संख्या में मतदाता मतदान के लिए नहीं पहुंचें। इस चरण में कुल 7903 बूथों पर मतदान हुआ और कुल 35 पुरुष व 3 महिला सहित कुल 38 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद हो गया। चार जून को इन क्षेत्रों की मतगणना होगी।
पहले चरण की चारों सीट पर एनडीए की होगी जीत : सम्राट चौधरी
बिहार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि पहले चरण की सभी चारों सीटों पर एनडीए भारी मतों से जीत रहा है। बिहार में लोग मोदी जी को वोट कर रहे हैं। पिछले चुनाव की तरह ही इस बार भी इन चारों सीट पर एनडीए के प्रत्याशी जीत रहे हैं। सम्राट चौधरी ने कहा कि राजद पिछले चुनाव में भी वे ऐसा ही दावा कर रहे थे। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि पिछले चुनाव से इस चुनाव तक क्या ट्रेंड बदल गया? लालू प्रसाद ने क्या ऐसा काम कर दिया। बिहार के लोग मोदीजी के साथ हैं और मतदान कर रहे हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि लोकतंत्र के महोत्सव के पहले चरण में हुए देश में 102 सीटों पर मतदान के फीडबैक से यह स्पष्ट हो गया है कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक भाजपा–एनडीए को शानदार जनसमर्थन मिला है और विपक्षी गठबंधन की नफरत की दुकान पर ताला लग गया है।