गोपाल राय ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान हो या फिर बिहार ही क्यों न हो, आज पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है और आसमान पर धुँध की एक चादर फैली हुई है। वातावरण में मौजूद प्रदूषित कण बुजुर्गों और बच्चों की सांसों पर भारी पड़ रहा है और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को ‘अति गंभीर’ श्रेणी को पार कर इस मौसम के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई। इसके मद्देनजर चिकित्सकों ने इसके स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में चिंता जताई है और आगाह किया है कि जहरीली हवा न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर समूहों को बल्कि स्वस्थ व्यक्तियों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह आठ बजे दिल्ली का एक्यूआई 484 रहा। एक्यूआई इस मौसम में अब तक का सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली में रविवार को शाम चार बजे एक्यूआई 441 दर्ज किया गया और शाम सात बजे तक यह बढ़कर 457 पहुंच गया।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अन्य हिस्सों में बुधवार सुबह धुंध की घनी चादर छायी रही, जिससे दृश्यता कम हो गयी और हवा की गुणवत्ता खराब हो गयी। एनसीआर में हवा की गुणवत्ता की श्रेणी बहुत खराब बनी हुई है, सुबह 8 बजे तक एक्यूआई 361 तक पहुंच गया।