लखनऊ, इंपैक्ट लाइव टीम।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में चल रहे बुलडोजर एक्शन को लेकर बुधवार को फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बिना कारण बताओ नोटिस के कोई भी घर नहीं गिराया जा सकेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला दिया है वह मूल रूप से दिल्ली से संबंधित था और इसमें यूपी सरकार पार्टी नहीं थी। केस जमीयत उलेमा-ए-हिन्द बनाम उत्तरी दिल्ली नगर निगम व अन्य से संबंधित था। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है।
योगी सरकार की ओर से कहा गया है कि सुशासन की पहली शर्त होती है कानून का राज। इस दृष्टि से सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आज दिया गया फैसला स्वागत योग्य है। इस फैसले से अपराधियों के मन में कानून का भय होगा। सरकार ने इस फैसले पर कहा कि इस फैसले से माफिया प्रवृति के तत्व यह संगठित पेशेवर अपराधियों पर लगाम कसने में आसानी होगी। कानून का राज सब पर लागू होता है। यद्यपि यह आदेश दिल्ली के संदर्भ में था, उत्तर प्रदेश सरकार इसमें पार्टी नहीं थी।
बता दें, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बीआर गवई ने यह रेखांकित करने के लिए प्रसिद्ध कवि प्रदीप की इन पंक्तियों का उल्लेख किया कि हर किसी की इच्छा होती है कि उसका अपना घर हो और वह नहीं चाहता कि यह सपना कभी छूटे। 95 पन्नों के फैसले की शुरूआत जस्टिस गवई ने कवि की इन पंक्तियों से की, अपना घर हो, अपना आंगन हो, इस ख्वाब में हर कोई जीता है, इंसान के दिल की ये चाहत है कि एक घर का सपना कभी ना छूटे।