लखनऊ, इंपैक्ट लाइव टीम।
राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में कक्षा पांच की छात्रा का अपहरण कर होटल में सामूहिक दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दीं। सीमा विवाद में उलझी कृष्णानगर और सरोजनीनगर पुलिस दर्द से परेशान दुष्कर्म पीड़िता और उसके परिवारीजनों को पांच घंटे दौड़ाती रही। व्यथित परिवारीजन बेटी को लेकर एक से दूसरे थाने के चक्कर काटते रहे। मामला रात करीब 11 बजे एसीपी कृष्णानगर विनय द्विवेदी के संज्ञान में आया तो उन्होंने दोनों थाना प्रभारियों को फटकार लगाई। सरोजनीनगर थाने में देर रात 132 बजे आरोपित दानिश और एक नाबालिग के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। तड़के करीब तीन बजे उन्हें एफआईआर की कॉपी दी गई। इसके बाद भी संवेदनहीन पुलिस नहीं सुधरी। मंगलवार सुबह 930 बजे मेडिकल परीक्षण के लिए पीड़िता और उसके परिवारीजन को थाने बुला लिया पर दोपहर दो बजे तक मेडिकल नहीं कराया।
छात्रा की मां ने बताया कि बेटी सोमवार सुबह स्कूल गई थी। एक बजे स्कूल से घर आ रही थी। इसी बीच रास्ते में कार सवार दानिश और एक नाबालिग ने उसे रोककर बैग छीन लिया। बेटी बैग मांगने लगी तो खींचकर कार में डाल लिया। उसे कृष्णानगर स्थित एक होटल में ले गए। बैग देने के बहाने उसे कमरे में ले गया, जहां दोनों ने बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। मोबाइल में अश्लील वीडियो बना लिया। पुलिस में शिकायत करने पर इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी। इसके बाद बेटी को बदहवास हालत में कार में डाला और छोड़कर चले गए। शाम करीब 430 बजे बेटी के पिता काम से लौट रहे थे। बेटी उन्हें बदहवास हालत में मिली।
पुलिस उपायुक्त दक्षिणी केशव कुमार के मुताबिक मंगलवार दोपहर सरोजनीनगर पुलिस ने आरोपित दानिश और नाबालिग को दबोच लिया है। दोनों से पूछताछ की जा रही है। वहीं, घटनास्थल होटल के अंदर और बाहर की सीसी फुटेज पुलिस ने जब्त कर ली है। आरोपितों के खिलाफ साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आरोपित छात्रा को सरोजनीनगर क्षेत्र से ले गए थे। दुष्कर्म का घटनास्थल होटल कृष्णानगर में था। इसलिए छात्रा के परिवारीजन कुछ भ्रमित थे। जांच के बाद मुकदमा दर्ज किया।