लखनऊ, इंपैक्ट लाइव टीम।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार उत्तर प्रदेश के संभल में हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया और दावा किया कि हालिया विधानसभा उपचुनावों में हुई ‘धांधली और लूट’ को छिपाने के लिए यह घटना कराई गई है। वहीं अखिलेश यादव ने सपा सांसद जिया उर रहमान पर हुई एफआईआर पर सवाल उठाए हैं। मामले में संभल पुलिस ने भी जवाब दिया। पुलिस का कहना है कि उन्हें पहले भी भड़काऊ भाषण नहीं देने के लिए नोटिस दिया गया था। उन्होंने कहा कि हमारे सांसद जिया उर रहमान संभल में थे ही नहीं, इसके बावजूद उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। यह सरकार द्वारा किया गया दंगा है। कोर्ट द्वारा आदेश पारित किए जाने के तुरंत बाद ही पुलिस और प्रशासन सर्वे के लिए जामा मस्जिद पहुंच गए।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि संभल हिंसा में पुलिस की गोली से लोगों की मौत हुई। आरोप लगाते हुए कहा कि मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार ने हिंसा कराई। सर्वे में जिम्मेदार लोगों ने पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि संभल की जामा मस्जिद का पहली बार सर्वेक्षण हुआ तो लोगों ने सहयोग किया और उस समय अधिकारियों ने कहा था कि सर्वे का पूरा हो चुका है। उन्होंने सवाल किया कि दूसरी बार सर्वे का आदेश किसने दिया? जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित किया जाना चाहिए और हत्या का मुकदमा चलाया जाना चाहिए।
इस बीच मुरादाबाद के कमिश्नर आञ्जनेय कुमार ने कहा संभल के हालात कंट्रोल में हैं। उस इलाके को छोड़कर दुकानें खुली हैं स्थिति सामान्य हैं। जिस तरह के साक्ष्य मिल रहे हैं, कड़ी कार्रवाई होगी और एनएसए तक की कार्रवाई संभव है। बता दें कि उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान रविवार को भड़की हिंसा के मामले में संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और अन्य कई लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इन लोगों पर दंगाइयों को भड़काने का आरोप है।