प्रयागराज, इंपैक्ट लाइव टीम।
UPPSC Protest: पीसीएस और आरओ/एआरओ प्रारंभिक परीक्षाएं दो दिन आयोजित कर इन परीक्षाओं में मानकीकरण (नॉर्मलाइजेशन) लागू करने के खिलाफ उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के बाहर प्रतियोगी छात्रों का धरना गुरुवार को लगातार चौथे दिन भी जारी है। इस बीच आयोग के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने हटाने की कोशिश कर रही है। वहीं प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ दी और सभी लोक सेवा आयोग गेट पहुंच गए। पुलिस छात्रों के सामने बेबस दिखी।
डीसीपी सिटी अभिषेक भारती ने कहा कि आंदोलन के बीच में कुछ अराजक तत्व आ गए थे इस कारण वहां से उनको हटाया गया। कुछ 3-4 की संख्या में अराजक तत्वों को हिरासत में लिया गया है। यहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बल महिला, बल तैनात है. छात्रों से अपील की जा रही है कि वह सिविल लाइन स्थित चिन्हित जो धरना स्थल है वहां जाकर अपनी बात रखें।
प्रयागराज में अभ्यर्थियों का हुजूम उमड़ पड़ा है। आज करीब 50 हज़ार युवा लोक सेवा आयोग के सामने इकट्ठा हो गए हैं।
— Devesh Pandey (@iamdevv23) November 14, 2024
मांग सिर्फ़ एक- नॉर्मलाइजेशन हटाया जाए।#Prayagraj #UPPSC #UPPSC_ONEDAY_ONESHIFT #uppsc_aspirants
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इस बीच सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि भाजपा की अहंकारी सरकार अगर ये सोच रही है कि वो इलाहाबाद में UPPSC के सामने से आंदोलनकारी अभ्यर्थियों को हटाकर, युवाओं के अपने हक़ के लिए लड़े जा रहे लोकतांत्रिक आंदोलन को ख़त्म कर देगी, तो ये उसकी ‘महा-भूल’ है। आंदोलन तन से नहीं मन से लड़े जाते हैं और अभी तक वो ताक़त दुनिया में नहीं बनी जो मन को हिरासत में ले सके। जुड़ेंगे तो जीतेंगे!
वहीं छात्रों के आंदोलन को लेकर यूपी लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने कहा है कि आयोग का दिशानिर्देश है कि सरकारी शिक्षण संस्थान को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाए और केंद्र मुख्यालय से 10 किलोमीटर के दायरे में हो। इससे पूर्व जब पेपर लीक हुआ था तो इन्हीं छात्रों ने मांग उठाई थी कि निजी संस्थानों को परीक्षा केंद्र ना बनाया जाए।