बोधगया, इंपैक्ट लाइव टीम।
नियति के आगे कभी किसी की नहीं चलती, जो जिस समय लिखा होगा, उस समय होगा। अब बोधगया के बकरौर गांव के परमानंद, पत्नी सोनी और बेटी तन्नू की तकदीर भी देख लीजिए। मौसेरे साले का अरवल से दानापुर बारात जाने को निकले थे। रास्ते में प्रसादी इंग्लिश के समीप बारातियों से भरी स्विफ्ट डिजायर कार गुरुवार की देर शाम आठ बजे सोन नहर में जा गिरी। इस हादसे में कार पर सवार परमानंद कुमार (30 ), उनकी पत्नी सोनी कुमारी (22), एक वर्षीय बच्ची तन्नु कुमारी की जान चली गई। इसमें एक मेहंदिया थाना क्षेत्र के कामता गांव की प्रियंका कुमारी (28) की भी मौत हो गई। शुक्रवार को परमानंद, पत्नी सोनी और बेटी तन्नू के शव बकरौर पहुंचे तो गांव में कोहराम मच गया। चीख और चीत्कार से पूरा क्षेत्र गमगीन हो गया। निरंजना नदी में एक ही चिता पर पति, पत्नी और एक साल की बेटी का अंतिम संस्कार हुआ। 12 साल के भतीजे ने मुखाग्नि दी।
निरंजना नदी के घाट पर बराबर की चिता बनाकर जब पति परमानंद, पत्नी सोनी और एक साल की बेटी तन्नू के शव चिता पर रखे गए तो परिजनों में कोहराम मच गया। इस दृश्य को जिसने भी देखा, उसी की आंखों से बरबस ही आंसू निकल पड़े। चाहे परमानंद के परिजन हो या फिर उनकी पत्नी के परिजन, किसी ने कभी सोचा तक नहीं था कि उनकी जिदगी में कभी ऐसा भी कोई दिन आएगा कि उन्हें यह दिन देखना होगा। ऐसे में सभी गमगीन थे। परमानंद के पिता बाल गोबिंद महतो, भाई अनूप कुमार दृश्य को देख पूरी तरह से अपनी सुधबुध खो बैठे थे।
इस दुखद मंजर के दौरान श्मशान घाट में हजारों लोग एकत्र थे। एक चिता पर पति-पत्नी व बराबर में चिता पर नवजात बेटी का शव देखकर सभी गमगीन थे। उनकी आंखे भी नम थीं। परिजनों के चीत्कार ने हर किसी के दिल को झकझोर कर रख दिया, जिस समय चिताओं को मुखाग्नि दी गई। पूरा परिवार इस दौरान दहाडे़ मारकर रो उठे। वहां मौजूद हर कोई कह रहा था किसी के भी साथ ऐसा न हो।
सड़क हादसे में पत्नी और बेटी के साथ जान गंवाने वाले परमानंद की शादी 25 नवंबर 2022 को अरवल जिले के कुर्था प्रखंड के विथरा गांव में सोनी कुमारी के साथ हुई थी। दोनों से एक 10 माह की बेटी भी थी। तीनों की मौत गुरुवार की देर रात कमाता गांव से बारात जाने के दौरान अरवल जिले के सोन नहर मे कार गिर जाने हो गई थी। कार पर सवार होकर परिवार के साथ दानापुर जा रहा थे। दानापुर के मैरेज हॉल में मौसरे साले की शादी थी। परमानंद पांच भाई- बहन में सबसे छोटा बेटा था। गांव वालों ने बताया कि परमानंद नेक दिल का इंसान था। सभी से अच्छा व्यवहार रखता था।