सहरसा, इंपैक्ट लाइव टीम।
वर्ल्ड ओबेसिटी डे (विश्व मोटापा दिवस) के अवसर पर भेरदरी स्थित निंती कार्डियक केयर और श्री नारायण मेडिकल इंस्टीट्यूट एंड हॉस्पिटल में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने मरीजों को मोटापे के कारण होने वाले हृदय संबंधी रोगों के बारे में बताया। इस अवसर पर मोटापे के कारण, निदान और विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों से लड़ने के लिए स्वस्थ जीवनशैली के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई।
निंती कार्डियक केयर के इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. गिरिजा शंकर झा ने मरीजों, उनके परिजनों और चिकित्साकर्मियों को बताया कि मोटापा दिल पर कई तरह से असर डालता है। मोटापा विभिन्न प्रकार के हृदय रोगों, टाइप 2 मधुमेह और उच्च कोलेस्ट्रॉल के लिए जिम्मेदार है, जिससे हार्ट फेलियर, कोरोनरी हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। इससे बचने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाना ही बेहतर उपाय है। नियमित रूप से व्यायाम और खानपान में बदलाव से इससे निजात पाया जा सकता है।
वहीं डॉ गंगेश और डॉ संदीप ने लोगों को बताया कि अक्सर दिल के दौरे की मुख्य वजह उच्च रक्तचाप (High blood pressure) मानी जाती है, लेकिन हाल ही में हुए शोध ने इस धारणा को चुनौती दी है। अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार पिछले 20 वर्षों में मोटापे और मधुमेह (Obesity and Diabetes) के कारण हार्ट फेलियर (Heart failure) के मामले तेजी से बढ़े हैं। मोटापे की वजह से धमनियों में वसायुक्त पदार्थ जमा हो सकते हैं। इसे एथेरोस्क्लेरोसिस कहते हैं। इससे दिल का दौरा और स्ट्रोक का खतरा बढ़ता है। इस मौके पर निंती कार्डियक केयर के फैसिलिटी हेड सुरेंद्र नाथ झा सहित सभी चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।