नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजय अरविंद केजरीवाल गुरुवार को अपने इस्तीफे के बाद पहली बार दिल्ली विधानसभा पहुंचे। विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर जमकर हमला बोला। केजरीवाल ने कहा कि आज मैं भगवान की कृपा से, दिल्ली के और देश के करोड़ों लोगों के आशीर्वाद से आप लोगों के बीच में जेल से छूट कर आया हूं। मैं जानता हूं कि मेरे विपक्ष के साथी मुझे और मनीष सिसोदिया को यहां देखकर दुखी हो रहे होंगे।
प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी बहुत ताकतवर हैं और अथाह पैसा है उनके पास, पर मोदी भगवान नहीं हैं। भगवान तो है इस दुनिया में, कोई उसे भगवान कहता है तो कोई उसे अल्लाह कहता है। कोई तो शक्ति है, वो हमारे साथ है। केजरीवाल ने आगे बताया कि आज मैं मुख्यमंत्री आतिशी के साथ सड़कों का निरीक्षण करने के लिए निकला था। दिल्ली यूनिवर्सिटी की सड़कें काफी अच्छी हुआ करती थीं, लेकिन इन दिनों उनकी हालत काफी खराब है। मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि इन्हें जल्द ठीक कराया जाए। मुख्यमंत्री ने सड़कों को ठीक करने का आदेश दे दिया है।
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— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) September 26, 2024
अरविंद केजरीवाल ने आगे बताया कि कुछ दिनों पहले मैंने बीजेपी के एक बड़े नेता से मुलाकात की थी। मैंने पूछा कि मुझे गिरफ्तार करके क्या मिला आपको? कुछ फायदा हुआ? बीजेपी नेता ने मुझसे कहा कि आपके पीछे से हमने पूरी दिल्ली की सरकार डिरेल कर दी। हमने आपके पीछे से दिल्ली ठप कर दी। बीजेपी नेता बहुत खुश हो रहे थे। मुझे बड़ा दुख और आक्रोश हुआ और स्तब्ध रह गया। देश की राजधानी के दो करोड़ लोगों की जिंदगी खराब करके उन लोगों को खुशी हो रही है?
केजरीवाल ने कहा कि यदि जनता को लगता है कि मैं ईमानदार हूं, तो वोट देना, नहीं तो वोट मत देना। इन्होंने जितने काम ठप्प किये थे, मैं फिर शुरू करवाउंगा। जेल जाने से नुकसान हुआ लेकिन केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का नुकसान नहीं बल्कि दिल्ली की जनता का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि मैंने अपनी स्वेच्छा से तीन बार इस्तीफा दिया। ज्वाइंट कमिश्नर के पद से इस्तीफा दिया और 10 साल दिल्ली की झुग्गियों में काम किया। 2013 में जब दिल्ली में मेरी सरकार बनी तो 49 दिनों में मैंने इस्तीफा दिया और तीसरी बार जेल से बाहर आने के बाद इस्तीफा दिया। मुझे सत्ता का थोड़ा सा भी लालच नहीं है। मैं कुछ करने आया हूं।