नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
सुप्रीम कोर्ट ने दो मामलों की सुनवाई जम्मू से नई दिल्ली स्थानांतरित करने की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की याचिका पर गुरुवार को जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक और दूसरे आरोपियों से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति अभय एस. ओका और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मलिक और दूसरे आरोपियों को नोटिस जारी करते हुए 18 दिसंबर तक जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट में यह मामला 2022 से लंबित है। तब सीबीआई ने जम्मू की विशेष टाडा कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी थी जिनमें 2 अलग-अलग मामलों में यासीन मलिक को व्यक्तिगत रूप से पेश करने के लिए कहा गया था। जम्मू की कोर्ट ने सितंबर 2022 में यह प्रोडक्शन वारंट रुबिया सईद अपहरण केस और वायु सेना के 4 अधिकारियों की हत्या केस में जारी किए थे।
सीबीआई ने अपनी याचिका में कहा था कि दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद मलिक को सुरक्षा कारणों से जम्मू नहीं ले जाया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में ही जम्मू कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी। 21 नवंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अभय एस ओका और उज्ज्वल भुइयां की बेंच में हुई सुनवाई में सीबीआई और केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता पेश हुए।