Tuesday 21-Apr-2026

जन प्रतिनिधि के रूप में मेरी पहली यात्रा होगी, ‘जन सेनानी’ के रूप में नहीं: प्रियंका गांधी

जन प्रतिनिधि के रूप में मेरी पहली यात्रा होगी, ‘जन सेनानी’ के रूप में नहीं: प्रियंका गांधी

नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने शनिवार को कहा कि वायनाड से निर्वाचित होने पर एक जन प्रतिनिधि के रूप में उनकी यह पहली यात्रा जरूर होगी, लेकिन एक ‘जन सेनानी’ के तौर पर नहीं क्योंकि लोकतंत्र, न्याय और संविधान में निहित मूल्यों के लिए लड़ना उनके जीवन की बुनियाद रही है। प्रियंका गांधी ने कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर गत 23 अक्टूबर को वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया था।

गौरतलब है कि बीते लोकसभा चुनावों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केरल की वायनाड और यूपी की रायबरेली लोकसभा सीट से जीत दर्ज की थी। हालांकि उन्होंने बाद में रायबरेली की सीट अपने पास बरकरार रखी और वायनाड सीट से इस्तीफा दे दिया। जिसके कारण अब इस सीट पर उपचुनाव हो रहा है। इस उपचुनाव में राहुल गांधी की बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दावेदारी पेश की है। अब यहां उपचुनाव से पहले प्रियंका गांधी ने वहां के लोगों के लिए एक चिट्ठी लिखी। उन्होंने इस चिट्ठी में वायनाड के लोगों को अपना मार्गदर्शक और शिक्षक बताया। इस चिट्ठी को मलयालम और अंग्रेजी भाषा में लिखा गया है।

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प्रियंका गांधी ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि वायनाड के मेरे प्यारे भाइयों, बहनों आपके जनप्रतिनिधि के तौर पर मेरी इस यात्रा में आप लोग मेरे मार्गदर्शक और शिक्षक हैं। लोकतंत्र, न्याय, संविधान में प्रतिष्ठापित मूल्यों के लिए लड़ना मेरे जीवन का लक्ष्य है। यदि आप मुझे अपना सांसद बनाना चुनते हैं तो मैं आपकी बहुत आभारी रहूंगी। बता दें कि प्रियंका गांधी ने 23 अक्तूबर को वायनाड सीट से नामांकन दाखिल किया था। इस दौरान उनके साथ उनकी मां सोनिया गांधी, भाई राहुल गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई अन्य नेता मौजूद रहे। नामांकन दाखिल करने से पहले उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी के साथ एक रोड-शो भी किया था।

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