रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन के परिवार के तीन सदस्यों ने इस बार के विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल की वहीं एक को हार का सामना करना पड़ा। झारखंड के मौजूदा सियासी समीकरण में सोरेन परिवार राज्य का सबसे रसूखदार घराना माना जाता है। विधानसभा चुनाव में इस बार शिबू सोरेन के बेटे हेमंत सोरेन, उनकी पुत्रवधू और हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन, उनके छोटे पुत्र बसंत सोरेन और बड़ी पुत्र वधू और दिवंगत दुर्गा सोरेन की पत्नी सीता मुर्मू सोरेन की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुयी थी।
बरहेट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, गांडेय से उनकी पत्नी कल्पना मुर्मू सोरेन, दुमका से हेमंत के भाई बसंत सोरेन और जामताड़ा से सीता मुर्मू ने चुनाव लड़ा। सोरेन परिवार के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ था।
बरहेट विधानसभा सीट से झामुमो प्रत्याशी और निवर्तमान मुख्ययंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवार गमालियल हेम्ब्रम को 39791 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। सोरेन को 95612 वहीं श्री हेम्ब्रम को 55821 मत मिले। इस जीत के साथ ही हेमंत सोरेन ने इस सीट पर जीत की हैट्रिक लगायी।
हेमंत सोरेन के जेल जाने के बाद कल्पना मुर्मू सोरेन ने जिस तरह खुद को स्थापित कर खुद की पहचान बनाई, उस वजह से गांडेय सीट पर देश की निगाह थी। गांडेय विधानसभा सीट से झामुमो उम्मीदवार कल्पना मुर्मू सोरेन ने भाजपा उम्मीदवार मुनिया देवी को 17142 मतों के अंतर से पराजित किया। झामुमो प्रत्याशी कल्पना मुर्मू सोरेन को 119372 मत मिले वहीं भाजपा उम्मीदवार मुनिया देवी को 102230 मत मिले। कल्पना मुर्मू सोरेन ने दूसरी बार इस सीट से जीत हासिल की है। पहली बार वह उपचुनाव जीत कर विधानसभा पहुंची थीं।
दुमका विधानसभा सीट से झामुमो प्रत्याशी बसंत सोरेन ने भाजपा उम्मीदवार सुनील सोरेन को 14588 मतों के अंतर से पराजित कर दिया। झामुमो प्रत्याशी बसंत सोरेन को 95685 मत मिले ,वहीं भाजपा उम्मीदवार सुनील सोरेन को 81097 मत मिले। बसंत सोरेन ने दूसरी बार दुमका से जीत हासिल की है।
जामताड़ा से सीता मुर्म को शिकस्त का सामना करना पड़ा है। जामताड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार इरफान अंसारी ने भाजपा उम्मीदवार सीता मुर्मू को 43676 मतों के अंतर से पराजित किया। श्री अंसारी को 133266 वहीं श्रीमती सीता मुर्मू को 89590 मत मिले। सीता मुर्मू पहले झामुमो के टिकट पर जामा से चुनाव जीतती रही हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने झामुमो छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था। भाजपा ने उन्हें दुमका से लोकसभा का उम्मीदवार भी बनाया लेकिन वह चुनाव हार गईं। भाजपा ने इस बार उनका पारंपरिक क्षेत्र बदल कर जामताड़ा से उम्मीदवार बनाया लेकिन उन्हें हार मिली।