रांची, इंपैक्ट लाइव टीम।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की स्पेशल ब्रांच द्वारा जासूसी के आरोप पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हाईकोर्ट के सीटिंग जज से न्यायिक जांच कराने की मांग की है। बाबूलाल ने आरोप लगाया है कि स्पेशल ब्रांच के द्वारा न सिर्फ जासूसी करायी जा रही थी, बल्कि हनी ट्रैप की कोशिश के लिए युवती को भी लगाया गया था। वहीं झामुमो ने भाजपा द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की जासूसी के आरोपों पर पलटवार किया है। झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है कि ठगी, झूठ और उपद्रव जैसे चाल, चरित्र और चेहरा रखने वाली भाजपा एक्सपोज हो गई है। भाजपा के नेताओं को देश से माफी मांगनी चाहिए।
दरअसल, बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि जजों की भी जासूसी राज्य सरकार करा रही है। उन्होंने कहा कि चंपाई जासूसी प्रकरण में स्पेशल ब्रांच के आईजी प्रभात कुमार का नाम सामने आया है। प्रभात को तत्काल निलंबित किया जाना चाहिए,अन्यथा यह माना जाएगा कि पूरे मामले को सीएम, सीएस व डीजीपी का संरक्षण है।
इस बीच झामुमो महासचिव विनोद पांडेय ने कहा है कि पुलिस मुख्यालय की तरफ से जारी बयान से यह साफ हो गया है कि दिल्ली में झारखंड पुलिस की विशेष शाखा के दो एसआई इसी कार्य के निर्हवन के दौरान गलतफहमी के कारण निरुद्ध हुए थे, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। पुलिसकर्मियों का पदस्थापन सुरक्षा के लिए किया गया था। वह किसी व्यक्ति विशेष की जासूसी नहीं कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे दिन भाजपा के बड़े नेताओं ने चंपाई सोरेन की जासूसी की तथ्यहीन सूचना सिर्फ फरेब के लिए फैलाई। बाबूलाल भी हिमंता की तरह मुख्यमंत्री रहे हैं, उन्हें भी अच्छी तरह यह मालूम होगा कि चंपाई सोरेन उच्च सुरक्षा में रहते हैं।