दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि प्रदूषण कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने सरकारी दफ़्तरो में वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया है। 50 फीसदी कर्मचारी घर से काम करेंगे।
गोपाल राय ने इस संबंध में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने पत्र में कहा कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान हो या फिर बिहार ही क्यों न हो, आज पूरा उत्तर भारत प्रदूषण की मार झेल रहा है और आसमान पर धुँध की एक चादर फैली हुई है। वातावरण में मौजूद प्रदूषित कण बुजुर्गों और बच्चों की सांसों पर भारी पड़ रहा है और उनके जीवन पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहा है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को कहा कि राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता से निपटने के लिए घर से काम करने और सम-विषम (ऑड-ईवन) जैसे उपायों को लागू करने के लिए जल्द ही फैसला किया जाएगा।
दिल्ली की वायु गुणवत्ता सोमवार को ‘अति गंभीर’ श्रेणी को पार कर इस मौसम के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई। इसके मद्देनजर चिकित्सकों ने इसके स्वास्थ्य जोखिमों के बारे में चिंता जताई है और आगाह किया है कि जहरीली हवा न केवल स्वास्थ्य के लिहाज से कमजोर समूहों को बल्कि स्वस्थ व्यक्तियों को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह आठ बजे दिल्ली का एक्यूआई 484 रहा। एक्यूआई इस मौसम में अब तक का सबसे खराब स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली में रविवार को शाम चार बजे एक्यूआई 441 दर्ज किया गया और शाम सात बजे तक यह बढ़कर 457 पहुंच गया।
हर साल दिवाली के बाद वायु प्रदूषण में बिहार आगे रहता है। इस बार भी कई शहरों की हवा खराब हो गई है। राजधानी पटना, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, छपरा, समस्तीपुर, मुंगेर, किशनगंज, बक्सर, सहित सभी शहरों में AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 200 से पार हो गया है। लोग जहरीली हवा में सांस ले रहे हैं।
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली सरकार नहीं चाहती है कि व्यापारियों और डीलरों को किसी भी तरह का आर्थिक नुकसान हो। ऐसी किसी भी स्थिति से बचने के लिए समय रहते हर प्रकार के पटाखों के उत्पादन , भंडारण, बिक्री और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है।