लखनऊ, इंपैक्ट लाइव टीम।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभल में 24 नवंबर को पत्थरबाजी की घटना को गंभीरता से लिया है। एक उच्चस्तरीय बैठक कर मुख्यमंत्री ने संभल के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घटना में शामिल पत्थरबाजों, उनके साथ दंगा फैलाने में शामिल षड्यंत्रकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हिंसा के कारणों की समीक्षा की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए कि दंगाइयों के फोटो सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएं और उनसे दंगे के दौरान हुए नुकसान की वसूली की जाए। दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उत्तर प्रदेश सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम-2020 के तहत वसूली की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जीरो टालरेंस के तहत कानून-व्यवस्था कायम करना सरकार की प्राथमिकता है। जिन लोगों ने भी दंगा कराने की साजिश रची है। उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। पत्थरबाजों व उपद्रवियों को भी बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो भी दोषी हैं, उन्हें गिरफ्तार किया जाए और उनके खिलाफ जरूरी हो तो इनाम भी घोषित किया जाए। इसके लिए जिला स्तर से कार्रवाई के बाद जरूरत होने पर शासन स्तर से कार्रवाई की जाए। उपद्रवियों पर काबू करने के लिए प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति क्षति वसूली अधिनियम-2020 लागू कर रखा है। इस अधिनियम के तहत दोषियों पर कार्रवाई की जाए। साथ ही दोषियों से वसूली की प्रक्रिया भी शुरू की जाए।
इंटरनेट पर रोक और बढ़ी
संभल सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन ने 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवा और बंद कर दी है। बीते तीन दिन से इंटरनेट बंद होने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित होने के साथ विकास कार्य ठप पड़े हैं। बैंक, डाकघर, कोषागार, रजिस्ट्री कार्यालय पर कामकाज ठप है। जिससे लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
250 से अधिक उपद्रवियों के पोस्टर जारी
शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान बीती 24 नवंबर को हुए बवाल के बाद गिरफ्तार किए गए 27 में से 21 लोगों के फोटो और नाम पुलिस ने बुधवार को सार्वजनिक किए। पुलिस ने बवाल करने वाले ढाई सौ से अधिक उपद्रवियों के पोस्टर सीसीटीवी फुटेज व वीडियो के आधार पर जारी किए हैं।