नई दिल्ली, इंपैक्ट लाइव टीम।
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूपी पुलिस को जमकर फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पुलिस सत्ता का आनंद ले रही है और संवेदनशील होने की जरूरत है। कोर्ट ने ये चेतावनी भी दी कि अगर याचिकाकर्ता को छुआ भी तो ऐसा कोई कठोर आदेश पारित करेंगे कि जिंदगीभर याद रहेगा। यह मामला याचिकाकर्ता अभय दुबे का है, जिन पर अलग-अलग कई मामले दर्ज हैं। उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया, लेकिन वह पेश नहीं हुए, जिसे लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सवाल उठाए हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हो सकता है कि याचिकाकर्ता को ये डर है कि जांच के दौरान उस पर कोई और मामला दर्ज न कर दिया जाए।
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुईंया की बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही थी। सुनवाई करते हुए कोर्ट को इस बात पर गुस्सा आ गया कि उत्तर प्रदेश पुलिस याचिकाकर्ता पर एक के बाद एक कई एफआईआर दर्ज कर रही है। कोर्ट ने चेतावनी दी है कि यूपी पुलिस एक खतरनाक एरिया में घुस रही है और अपनी पावर का इस्तेमाल करके वह मजे ले रही है। कोर्ट ने यूपी पुलिस के वकील से यह भी कहा कि अपने डीजीपी को बता देना कि कोर्ट ऐसा कठोर आदेश पास करेगा कि वह जिंदगी भर याद रखेंगे।
इससे पहले, शीर्ष अदालत ने FIR (आईपीसी की धारा 323, 386, 447, 504 और 506 के तहत) रद्द करने के मामले में याचिका पर विचार करने से इनकार किया। हालांकि, याचिकाकर्ता-अनुराग दुबे के खिलाफ दर्ज अन्य मामलों और आरोपों की प्रकृति को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य को नोटिस जारी किया गया कि अग्रिम जमानत क्यों न दी जाए। न्यायालय ने संबंधित FIR में याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी पर रोक लगाई, बशर्ते कि वह जांच में शामिल हो और सहयोग करे।