सम्राट चौधरी ने कहा कि देश-दुनिया में बसे करोड़ों बिहारी जब तक लोकपर्व छठ मनाते रहेंगे, तब तक शारदा सिन्हा और उनके गाये गीत अमर रहेंगे। छठी मइया ने उन्हें अमरता प्रदान कर दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एनडीए सरकार ने शारदा सिन्हा को पद्म भूषण पुरस्कार प्रदान कर बिहार के लोक-संगीत में उनके अमूल्य योगदान का सम्मान किया।
प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार को निधन हो गया। शाम 9:20 बजे दिल्ली एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। इस घटना के बाद से पूरे देश में शोक का माहौल है। बुधवार को शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर दिल्ली से पटना लाया गया।
शारदा सिन्हा का पार्थिव शरीर बुधवार अल सुबह दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया और तय समय के अनुसार सुबह 9.40 की फ्लाइट से पटना लाया जाएगा। पटना में 12 बजे के बाद अंतिम दर्शन कर सकते हैं। राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
राजनीति से भले शारदा सिन्हा दूर रही हों लेकिन वे चिराग पासवान और तेजस्वी यादव में भविष्य देखती थीं। उन्होंने कहा था कि अगर बेहतर काम करें तो चिराग पासवान हों या तेजस्वी यादव बिहार को बखूबी संभाल सकते हैं। बड़े से सही अनुभव और अपनी दूरदर्शिता रखें तो बिल्कुल कर सकते हैं। युवाओं में ताकत होती है।
प्रसिद्ध लोक गायिका शारदा सिन्हा का मंगलवार की रात दिल्ली एम्स में निधन हो गया। पिछले कई दिनों से शारदा सिन्हा बीमार थीं। शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान ने फेसबुक पर यह जानकारी दी है।
प्रसिद्ध लोक गायिका पद्म भूषण शारदा सिन्हा दिल्ली एम्स में भर्ती हैं। सोमवार की शाम उनकी हालत गंभीर होने के बाद उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर पर रखा गया। इस बीच मंगलवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शारदा सिन्हा के स्वास्थ्य की जानकारी ली।
बिहार की स्वर कोकिला व पद्मविभूषण से सम्मानित लोक गायिका शारदा सिन्हा की तबीयत फिर से खराब हो गई है, जिसके बाद उन्हें दिल्ली एम्स के आईसीयू में भर्ती किया गया है। शारदा सिन्हा के बेटे अंशुमान ने वीडियो जारी कर कहा है कि सच्ची खबर है, मां वेंटिलेटर पर हैं। प्रार्थना जारी रखिये, मुश्किल है, इस बार काफी मुश्किल है।
पद्मभूषण से सम्मानित लोक गायिका शारदा सिन्हा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें दिल्ली एम्स के इमरजेंसी वार्ड में एडमिट कराया गया है। बताया गया है कि पिछले एक सप्ताह से उनको खाने-पीने में काफी समस्याएं आ रही थी।