वाराणसी, इंपैक्ट लाइव टीम।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद आतिशी मर्लिना दिल्ली की मुख्यमंत्री होंगी। आतिशी का उत्तर प्रदेश से खास कनेक्शन है। दरअसल, आतिशी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी की बहू हैं। करीब 18 साल पहले वाराणसी के लंका क्षेत्र में रहने वाले प्रवीण सिंह से उनकी शादी हुई थी। उनका परिवार आज भी यहीं रहता है.। आतिशी के पति समाज सेवा से जुड़े हुए हैं। आतिशी और प्रवीण की शादी साल 2006 में बनारस में हुई थी।
दिल्ली की राजनीति में आने से पहले वो यहीं पर अपने पति के साथ रहती थीं। उनके पति प्रवीण सिंह भी समाज सेवा से जुड़े हैं। दोनों की मुलाकात समाज सेवा के कार्य करने के दौरान ही हुई, दोनों ने यहां के गांवों के विकास के लिए कई काम किए, जिसके बाद उन्होंने शादी कर ली। आतिशी कि पति प्रवीण सिंह भी काशी के पढ़े-लिखे और बौद्धिक परिवार से आते हैं। आतिशी ने पति के साथ मिलकर गावों के उत्थान, किसानों की खेतीबाड़ी को बढ़ाने के लिए मिलकर काम किया। वैचारिक समानता की वजह से आतिशी को भी पति से पूरा समर्थन मिला और फिर उन्होंने अरविंद केजरीवाल के साथ अपनी मुहिम को आगे बढ़ाया।
आतिशी का जन्म आठ जून, 1981 को दिल्ली में हुआ था। वह मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनके माता-पिता दोनों ही दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रहे हैं। आतिशी ने सेंट-स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में स्नातक की डिग्री हासिल की है। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। भ्रष्टाचार विरोधी अन्ना आंदोलन के दौरान आतिशी ने 2012 में राजनीति में कदम रखा और आम आदमी पार्टी की नींव रखने वाले लोगों में शामिल रहीं।
आतिशी ने जुलाई 2015 से 17 अप्रैल 2018 तक तत्कालीन शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया के सलाहकार के तौर पर काम किया है। 2013 के विधानसभा चुनाव के दौरान वह पार्टी का घोषणापत्र तैयार करने वाली मसौदा समिति की प्रमुख सदस्य रह चुकी हैं। वह पार्टी प्रवक्ता की भी जिम्मेदारी निभा चुकी हैं। वह पहली बार 2020 में कालकाजी विधानसभा से जीतकर विधायक बनीं। आप नेता मनीष सिसोदिया को कथित शराब घोटाले के आरोप में जेल जाना पड़ा तो उनकी जगह आतिशी को शिक्षा मंत्री बनाया गया और अब उनके पास शिक्षा मंत्रालय समेत कई मंत्रालय की ज़िम्मेदारी हैं। आतिशी को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का खास माना जाता है। आतिशी को 2019 में पूर्वी दिल्ली से लोकसभा लिए टिकट दिया गया। उन्हें भले ही हार का सामना करना पड़ा, लेकिन अगले साल ही विधानसभा चुनाव में उन्हें उतारा गया और वह कालकाजी से विधायक निर्वाचित हुईं। आतिशी से पहले सुषमा स्वराज और शीला दीक्षित मुख्यमंत्री रही हैं। सुषमा स्वराज कुछ महीने और शीला दीक्षित करीब 15 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री रही हैं।