लखनऊ, इंपैक्ट लाइव टीम।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकारों द्वारा अपराध के आरोपी व्यक्तियों की संपत्तियों को ध्वस्त करने के लिए बुलडोजर एक्शन पर फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि उसने संविधान के तहत गारंटीकृत अधिकारों पर विचार किया है, जो व्यक्तियों को राज्य की मनमानी कार्रवाई से सुरक्षा प्रदान करते हैं। कोर्ट ने कहा कि अगर लोगों के घर सिर्फ इसलिए गिरा दिए जाएं कि वे आरोपी या दोषी हैं तो यह पूरी तरह असंवैधानिक होगा। संविधान तथा आपराधिक कानूनों के अनुसार आरोपियों और दोषियों के भी कुछ अधिकार होते हैं। अदालत ने संपत्तियों को ढहाने के संबंध में अखिल भारतीय दिशानिर्देश निर्धारित किए। अब सुप्रीम कोर्ट कोर्ट के फैसले पर योगी सरकार के मंत्री और सुभासपा के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने प्रतिक्रिया दी है।
ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा देश स्वागत करता है, सरकार भी करती है, विपक्ष भी करता है। सरकार का इरादा किसी का घर गिराने का नहीं है। अगर किसी अपराधी ने अवैध संपत्ति अर्जित की है और सरकारी जमीन पर घर बनाया है, तो उसे खाली कराया जाता है। सरकार कभी किसी की निजी जमीन पर बना मकान नहीं गिराती।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य और उसके अधिकारी मनमाने कदम नहीं उठा सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका किसी व्यक्ति को दोषी घोषित नहीं कर सकती और न ही वह न्यायाधीश बनकर किसी आरोपी व्यक्ति की संपत्ति को ध्वस्त करने का फैसला कर सकती है। मकान ढहाए जाने के मुद्दे पर शीर्ष अदालत ने कहा कि कार्यपालक अधिकारी न्यायाधीश नहीं बन सकते, आरोपी को दोषी घोषित नहीं कर सकते और उसका घर नहीं गिरा सकते।