हाजीपुर के पूर्व सांसद पशुपति पारस ने कहा कि कोरोना का हवाला देकर उन्हें और उनके परिवार के किसी भी सदस्य को बड़े भाई साहब से मिलने नहीं दिया गया, जबकि अंतिम समय में बड़े भाई रामविलास पासवान परिवार के सभी लोगों को खोज रहे थे।
चेतन आनंद ने पूछा है कि आप (चिराग पासवान) एनडीए में हैं या नहीं? बिहार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के लिए आए शिवहर विधायक चेतन आनंद ने बेहद तीखे लहजे में कहा कि गठबंधन पीक एंड चूज पर नहीं चलता है। मर्दों की तरह गठबंधन होता है।
पत्रकारों ने जब सवाल किया कि पशुपति कुमार पारस जो आपके चाचा है वह कह रहे हैं कि एनडीए से अलग होकर विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे, तो चिराग पासवान ने कहा कि वो कभी भी एनडीए के हिस्सा नहीं थे, ना ही वह लोकसभा चुनाव में एनडीए गठबंधन में थे ना ही वह विधानसभा चुनाव में गठबंधन में थे तो फिर अलग होने की बात कहां से कर रहे हैं।
राहुल गांधी के विचारधारा की लड़ाई और अरबपति-गरीब के बीच चुनाव वाले बयान को लेकर चिराग पासवान ने कहा कि राहुल हर जगह हाथों में संविधान की कॉपी लेकर जाते हैं। आज लेकर गये थे क्या? जब प्रधानमंत्री मोदी बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को सम्मान देने लगे तब राहुल गांधी को संविधान की याद आयी।
चिराग पासवान ने कांग्रेस पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा की आज राहुल गांधी संविधान लेकर पूरे देश में घूम रहे हैं लेकिन संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की तस्वीर भी संसद में 1989 के पहले नहीं लगी थी।
राजनीति से भले शारदा सिन्हा दूर रही हों लेकिन वे चिराग पासवान और तेजस्वी यादव में भविष्य देखती थीं। उन्होंने कहा था कि अगर बेहतर काम करें तो चिराग पासवान हों या तेजस्वी यादव बिहार को बखूबी संभाल सकते हैं। बड़े से सही अनुभव और अपनी दूरदर्शिता रखें तो बिल्कुल कर सकते हैं। युवाओं में ताकत होती है।
चिराग पासवान पटना से हाजीपुर जा रहे थे। इस दौरान केंद्रीय मंत्री की कार ओवर स्पीड थी। जैसे ही वह टोल प्लाजा पर पहुंचे कैमरे ने स्पीड रिकॉर्ड कर ली लिया और चालान कट गया।
चिराग पासवान की पार्टी लेकर जमकर बयानबाजी हो रही है। दरअसल, हाल ही में आरजेडी विधायक मुकेश रोशन ने दावा करते हुए कहा था कि एलजेपी रामविलास के तीन सांसद बीजेपी के संपर्क में हैं। इसे लेकर अब चिराग पासवान की पार्टी की ओर ने रिएक्शन सामने आया है।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री चिराग पासवान ने देश में जाति जनगणना कराये जाने पर बल देते हुए कहा कि इससे योजना बनाने में केंद्र और राज्य सरकार को सहूलियत होगी।