Monday 08-Dec-2025

चिराग पासवान के बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उतरने के संकेत,सियासी हलचल तेज

चिराग पासवान के बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उतरने के संकेत,सियासी हलचल तेज

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में उतरने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। इस बयान ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है, खासकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के भीतर। चिराग के इस कदम से न केवल उनकी पार्टी की रणनीति बल्कि एनडीए की सीट-बंटवारे की चर्चाओं पर भी असर पड़ सकता है।

चिराग पासवान ने हाल ही में एक निजी न्यूज़ चैनल को दिए साक्षात्कार में कहा, मेरे राजनीति में आने का मकसद बिहार और बिहारियों की सेवा करना था। मेरा मन अब दिल्ली में कम और बिहार में ज्यादा लगता है।उन्होंने यह भी कहा कि उनके चुनाव लड़ने से उनकी पार्टी और प्रत्याशियों को अधिक लाभ होगा, क्योंकि इससे उनकी स्ट्राइक रेट बेहतर हो सकती है, जैसा कि लोकसभा चुनाव 2024 में देखा गया था।

चिराग ने अपने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के नारे को फिर से दोहराते हुए कहा कि बिहार के विकास और युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना उनकी प्राथमिकता है। उनकी पार्टी के सांसद अरुण भारती ने भी इस बात का समर्थन किया और कहा कि चिराग को बिहार की राजनीति में बड़ी भूमिका निभानी चाहिए।

चिराग ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए के बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की बात कही है। 18 मई 2025 को दरभंगा में उन्होंने स्पष्ट किया, बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई वैकेंसी नहीं है। नीतीश कुमार ही एनडीए का नेतृत्व करेंगे, और मुझे विश्वास है कि उनके नेतृत्व में हम ऐतिहासिक जीत हासिल करेंगे।

हालांकि, उनके हालिया बयानों और पार्टी की ओर से लगातार विधानसभा चुनाव में उतरने की बात को राजनीतिक विश्लेषक एनडीए के भीतर सीटों के बंटवारे के लिए दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। चिराग की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने 2024 के लोकसभा चुनाव में पांच सीटों पर जीत हासिल की थी, जिससे उनकी सियासी ताकत बढ़ी है। अब वह विधानसभा चुनाव में अधिक सीटों की मांग कर सकते हैं।

पटना में हाल ही में चिराग पासवान को मुख्यमंत्री के रूप में पेश करने वाले पोस्टर और होर्डिंग्स लगाए गए, जिसने सियासी सरगर्मी को और बढ़ा दिया। इन पोस्टरों को लेकर चिराग ने सफाई देते हुए कहा कि यह उनके समर्थकों का उत्साह है, लेकिन वह नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ेंगे। फिर भी, इन पोस्टरों ने यह सवाल उठाया कि क्या चिराग भविष्य में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।

वरिष्ठ पत्रकार सुनील पांडेय का कहना है, चिराग का ‘बिहार फर्स्ट’ का नारा और विधानसभा चुनाव में उतरने की बात हर बार चुनाव से पहले तेज होती है। यह उनकी सियासी महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।

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