इंपैक्ट लाइव टीम पटना: बिहार के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने औरंगाबाद से बिहटा तक 107 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन के निर्माण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना को लेकर पिछले 45 वर्षों से मांग उठ रही थी, और अब इसका सपना साकार होने जा रहा है। इस रेल लाइन के निर्माण से बिहार के कई जिलों में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, और आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।
पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो चुकी है। इस परियोजना की कुल लागत 730 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इस रेल लाइन की लंबाई पहले 120 किलोमीटर अनुमानित थी, लेकिन नवीनतम जानकारी के अनुसार इसे 107 किलोमीटर तक सीमित किया गया है। यह रेल लाइन बिहार के पटना, अरवल, और औरंगाबाद जिलों से होकर गुजरेगी, जिससे इन क्षेत्रों में यातायात और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
केंद्र सरकार ने 2025-26 के केंद्रीय बजट में इस परियोजना के लिए 136 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। पहले चरण में 14 किलोमीटर रेल ट्रैक बिछाने का काम शुरू होगा। रेल मंत्रालय ने परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए निर्देश दिए हैं। डीपीआर के तहत 118 किलोमीटर में से 12.90 किलोमीटर के हिस्से को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।इस रेल लाइन की मांग पहली बार 1980 में लोकसभा में उठाई गई थी। इसके बाद 2007-08 के रेल बजट में इसे शामिल किया गया, और 2007 में पालीगंज में इसका शिलान्यास भी हुआ था। हालांकि, विभिन्न कारणों से परियोजना में देरी होती रही। अब केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय की सक्रियता से इस परियोजना को गति मिली है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को बिहार के लिए एक बड़ी सौगात बताया है।यह रेल लाइन पटना को औरंगाबाद से सीधे जोड़ेगी, जिससे यात्रियों को वैकल्पिक और तेज मार्ग मिलेगा।औरंगाबाद-बिहटा रेल लाइन के साथ-साथ बिहार में कई अन्य रेल परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं, जिनमें सुल्तानगंज-देवघर, मुजफ्फरपुर-दरभंगा, गया-डाल्टनगंज, और जमालपुर-भागलपुर रेल लाइनें शामिल हैं। इन परियोजनाओं से बिहार में रेल नेटवर्क का विस्तार होगा और राज्य का विकास और तेज होगा।