इंपैक्ट लाइव टीम पटना:-बिहार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के 13 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने कर्मचारियों की सुविधा के लिए उनकी सर्विस बुक को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके साथ ही, एक नया मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है, जिसके माध्यम से कर्मचारी छुट्टी के लिए आवेदन, ट्रांसफर, और अन्य प्रशासनिक कार्य आसानी से ऑनलाइन कर सकेंगे। इस पहल से बिहार के सरकारी कर्मचारियों को समय और श्रम की बचत होगी, साथ ही प्रशासनिक प्रक्रियाएँ अधिक पारदर्शी और तेज होंगी।बिहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसके तहत सभी सरकारी कर्मचारियों की सर्विस बुक को डिजिटाइज कर दिया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर कर्मचारी काफ़ी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे जैसे कि कर्मचारियों की सर्विस रिकॉर्ड, जैसे नियुक्ति, प्रोन्नति, और वेतन विवरण, अब ऑनलाइन उपलब्ध होंगे।कर्मचारी अब मोबाइल ऐप के जरिए छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिसका अनुमोदन भी ऑनलाइन होगा।ट्रांसफर के लिए आवेदन और उसकी स्थिति की जानकारी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
कर्मचारी अपने वेतन, भत्ते, और अन्य वित्तीय विवरण ऑनलाइन देख सकेंगे।
इस मोबाइल ऐप को बिहार सरकार ने विशेष रूप से कर्मचारियों की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया है, ताकि उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।बिहार सरकार के इस कदम से राज्य के करीब 13 लाख सरकारी कर्मचारियों को लाभ होगा। इसमें शिक्षक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी, और अन्य सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारी शामिल हैं। यह पहल न केवल कर्मचारियों के लिए समय की बचत करेगी, बल्कि प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को भी बढ़ाएगी।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा, हमारी सरकार डिजिटल बिहार के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। सरकारी कर्मचारियों की सुविधा और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कर्मचारियों को आसानी होगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएँ भी तेज और पारदर्शी होंगी।
इस घोषणा के बाद कर्मचारी संगठनों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। पटना के एक सरकारी स्कूल शिक्षक रमेश कुमार ने कहा, पहले छुट्टी या ट्रांसफर के लिए कई बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब यह सब ऑनलाइन हो जाएगा, जिससे समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।वहीं, एक अन्य कर्मचारी सुनीता देवी ने कहा, यह ऐप हमारी जिंदगी को आसान बनाएगा। अब हमें अपने सर्विस रिकॉर्ड की जानकारी के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं होगी।सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस डिजिटल प्लेटफॉर्म को और बेहतर बनाने के लिए समय-समय पर अपडेट किए जाएंगे। भविष्य में इस ऐप में और भी सुविधाएँ जोड़ी जाएँगी, जैसे कि पेंशन से संबंधित जानकारी, ग्रेच्युटी, और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ। इसके अलावा, कर्मचारियों को डिजिटल साक्षरता के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि वे इस प्लेटफॉर्म का आसानी से उपयोग कर सकें।यह घोषणा बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की गई है, जिसे राजनीतिक हलकों में एक रणनीतिक कदम के रूप में भी देखा जा रहा है। कर्मचारी बिहार की सरकारी मशीनरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, और उनकी सुविधा के लिए उठाए गए इस कदम से सरकार को कर्मचारी वर्ग का समर्थन मिलने की उम्मीद है।कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल या मोबाइल ऐप पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन के लिए कर्मचारी का आधार नंबर, कर्मचारी कोड, और अन्य बुनियादी जानकारी की आवश्यकता होगी। रजिस्ट्रेशन के बाद कर्मचारी अपने सर्विस रिकॉर्ड और अन्य सुविधाओं तक आसानी से पहुँच सकेंगे।बिहार सरकार ने सभी जिलों में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के लिए विशेष हेल्पडेस्क स्थापित करने का निर्देश दिया है। ये हेल्पडेस्क कर्मचारियों को ऐप के उपयोग और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही, तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एक समर्पित हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।