बिहार :- अहमदाबाद में आयोजित ऑल इंडिया नेशनल डेफ स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में बिहार के दो युवा खिलाड़ियों, अंकुर श्रीवास्तव और हृतिक आनंद, ने बॉयज डबल्स मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। इस प्रतियोगिता में देश भर से आए मूक-बधिर खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, लेकिन अंकुर और हृतिक की जोड़ी ने अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।यह चैंपियनशिप, जो भारतीय मूक-बधिर खेल संघ (Indian Deaf Sports Association) द्वारा आयोजित की गई थी, अहमदाबाद के एक प्रमुख खेल परिसर में संपन्न हुई। इस आयोजन में विभिन्न खेलों जैसे क्रिकेट, बैडमिंटन, टेबल टेनिस और अन्य में प्रतिस्पर्धाएं हुईं, लेकिन बॉयज डबल्स टेबल टेनिस मुकाबला खास तौर पर चर्चा में रहा। अंकुर और हृतिक ने फाइनल में अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़े मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
फाइनल मुकाबले में अंकुर और हृतिक की जोड़ी का सामना एक मजबूत टीम से हुआ, लेकिन दोनों ने अपनी बेहतरीन समन्वय और रणनीति के दम पर जीत हासिल की। खेल के दौरान उनकी तेजी, सटीकता और एक-दूसरे के साथ तालमेल ने दर्शकों और निर्णायकों को प्रभावित किया। सूत्रों के अनुसार, यह जोड़ी पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और सेमीफाइनल से लेकर फाइनल तक लगातार शानदार प्रदर्शन करती रही।जीत के बाद अंकुर श्रीवास्तव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह हमारे लिए बहुत बड़ा सम्मान है। हमने इसके लिए महीनों तक कड़ी मेहनत की थी। यह स्वर्ण पदक न केवल हमारी मेहनत का फल है, बल्कि हमारे परिवार और कोच का भी सपोर्ट इसमें शामिल है।” वहीं, हृतिक आनंद ने कहा, “हमारा लक्ष्य था कि हम बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर ऊंचा करें, और आज हमने यह कर दिखाया। अब हम अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं।”इस उपलब्धि पर भारतीय मूक-बधिर खेल संघ के एक अधिकारी ने कहा, “अंकुर और हृतिक ने न केवल अपनी प्रतिभा दिखाई, बल्कि यह भी साबित किया कि मूक-बधिर खिलाड़ी किसी भी चुनौती को पार कर सकते हैं। यह जीत अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।” आयोजन समिति ने भी इन दोनों खिलाड़ियों की प्रशंसा की और उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
बिहार के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने इस जीत पर खुशी जताई है। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों की तारीफ हो रही है, जहां लोग इसे बिहार की खेल प्रतिभा का प्रमाण बता रहे हैं। कुछ प्रशंसकों ने उम्मीद जताई कि सरकार इन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए और समर्थन देगी।इस चैंपियनशिप में भारत के विभिन्न राज्यों से आए मूक-बधिर खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया, और यह आयोजन मूक-बधिर समुदाय के लिए खेल के महत्व को उजागर करने में सफल रहा। अंकुर और हृतिक की यह जीत न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए एक मील का पत्थर है, बल्कि मूक-बधिर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।