इम्पैक्ट लाइव टीम पटना :-बिहार सरकार ने राज्य की ग्रामीण सड़कों को चमकाने और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इसके तहत, बिहार की सड़कों के विकास पर 76,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे लगभग 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और उन्नयन होगा। इस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से जोड़ना, कृषि और व्यापार को बढ़ावा देना, और राज्य के समग्र आर्थिक विकास को गति देना है।
इस विशाल योजना के तहत, बिहार सरकार ग्रामीण सड़कों के निर्माण, चौड़ीकरण, और रखरखाव पर ध्यान देगी। यह परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए शुरू की गई है। सड़कों का यह नेटवर्क न केवल गांवों को जोड़ेगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, और रोजगार के अवसरों तक पहुंच को भी आसान बनाएगा।इसका लक्ष्य 45,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण और उन्नयन।ग्रामीण सड़कों का विकास, पुरानी सड़कों का नवीकरण, और नए संपर्क मार्गों का निर्माण।बेहतर कनेक्टिविटी से कृषि उत्पादों की बाजार तक पहुंच आसान होगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही, व्यापार और उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
बिहार सरकार ने इस परियोजना को अपनी प्राथमिकता बताया है। हाल ही में, बिहार कैबिनेट ने 11 जिलों में सड़कों और पुलों के विकास के लिए 667 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को मंजूरी दी थी, जो इस बड़ी योजना का हिस्सा है। यह राशि विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहाँ सड़कें और पुल कनेक्टिविटी में बाधा बन रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, हमारा लक्ष्य बिहार के हर कोने को जोड़ना और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है। सड़कें विकास की रीढ़ हैं, और यह परियोजना बिहार को एक नई ऊँचाई पर ले जाएगी।परियोजना को चरणों में लागू किया जाएगा, जिसमें प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी जहाँ कनेक्टिविटी सबसे कमजोर है।परियोजना की प्रगति की निगरानी के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित हो।केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग से इस परियोजना को वित्तीय और तकनीकी समर्थन मिलेगा। केंद्र सरकार ने हाल ही में बिहार में रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जो इस सड़क परियोजना को पूरक बनाएगी।