पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रगति यात्रा के दौरान घोषित 82 योजनाओं को मंजूरी मिल गई है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में इन योजनाओं के लिए 20 हजार करोड़ रुपये खर्च करने की स्वीकृति दी गई। इनमें सबसे ज्यादा योजनाएं पथ निर्माण विभाग से जुड़ी हैं, जिन पर 6577.38 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान 188 घोषणाएं की गई थीं, जिनमें से 67 योजनाएं पहले ही विभागीय स्तर पर स्वीकृत हो चुकी थीं। इससे पहले भी कैबिनेट 39 योजनाओं को हरी झंडी दे चुकी थी। इस बैठक में कुल 136 एजेंडों पर फैसला लिया गया।कुछ प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए राशि आवंटित की गई है:
सिमरिया घाट और कल्पवास मेला क्षेत्र में दूसरे चरण के विकास के लिए 37.38 करोड़ रुपये। पूर्वी चंपारण के सोमेश्वरनाथ मंदिर (अरेराज) क्षेत्र में पर्यटकीय विकास, दो पुल निर्माण और सड़क निर्माण के लिए 106.54 करोड़ रुपये।
मधेपुरा के सिंहेश्वर स्थान को पर्यटक स्थल बनाने के लिए 90.27 करोड़ रुपये।कुशेश्वर स्थान के विकास के लिए 44.03 करोड़ रुपये।सोनपुर के हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए अहमदाबाद की एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट को परामर्शी नियुक्त किया गया है।
किन विभागों को कितनी राशि मिली?
विभागयोजनाएंकुल खर्च (करोड़ रुपये)
पथ निर्माण42 ₹6577.38
जल संसाधन12₹3645.67
ऊर्जा विभाग04₹663.61
नगर विकास05₹495.12
पर्यटन07₹344.01
खेल विभाग03₹153.89
मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा के दौरान अररिया और खगड़िया में मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण की घोषणा की गई थी। इसके तहत:
अररिया में राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के लिए 401.78 करोड़ रुपये।खगड़िया में राजकीय मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल के लिए 460.56 करोड़ रुपये।इसके अलावा ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य, मद्य निषेध, शिक्षा, उद्योग और मंत्रिमंडल विभाग की कुछ अन्य योजनाओं के लिए भी राशि आवंटित की गई है।