Thursday 19-Feb-2026

बिहार में बाढ़ का खतरा: गंगा, गंडक सहित 6 प्रमुख नदियां लाल निशान के करीब, कई घाट डूबे, अलर्ट जारी

बिहार में बाढ़ का खतरा: गंगा, गंडक सहित 6 प्रमुख नदियां लाल निशान के करीब, कई घाट डूबे, अलर्ट जारी

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण राज्य की छह प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब पहुंच गई हैं। इनमें गंगा, गंडक, कोसी, बागमती, बूढ़ी गंडक, और कमला बलान शामिल हैं। गंगा नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिससे पटना, भागलपुर, और अन्य निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने कई जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है, और नदियों के किनारे बसे गांवों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।

पटना के गांधी घाट, हाथीदह, और दीघा घाट में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (48.60 मीटर) को पार कर गया है। बक्सर, भागलपुर, और मुंगेर में भी नदी लाल निशान के करीब है।वाल्मीकिनगर बैराज से नेपाल द्वारा भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद गंडक का जलस्तर गोपालगंज और सिवान में खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है।कोसी नदी सुपौल और मधुबनी में लाल निशान के करीब बह रही है। बीरपुर बैराज से 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, और कई स्थानों पर यह खतरे के निशान को छू रही है।समस्तीपुर और खगड़िया में बूढ़ी गंडक नदी का जलस्तर भी चिंताजनक स्तर पर है।मधुबनी और दरभंगा में कमला बलान नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे कई गांवों में पानी घुसने की आशंका है।

पटना में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई प्रमुख घाट, जैसे गांधी घाट, दीघा घाट, और काली घाट, पूरी तरह डूब गए हैं। इससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी हो रही है। गंगा किनारे बसे कई मोहल्लों में पानी प्रवेश कर गया है, जिससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन ने नदी किनारे बसे लोगों को ऊंचे स्थानों पर जाने की चेतावनी दी है।नेपाल के बैराजों से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण बिहार की नदियों में जलस्तर तेजी से बढ़ा है। विशेष रूप से वाल्मीकिनगर और बीरपुर बैराज से छोड़ा गया पानी गंडक और कोसी नदियों में बाढ़ का कारण बना है।

बिहार के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बाढ़ का खतरा सबसे अधिक है। गोपालगंज, सिवान, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सुपौल, मधुबनी, और दरभंगा के कई गांवों में पानी घुसने की खबरें हैं। किसानों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है, क्योंकि खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई हैं। सड़क संपर्क टूटने से कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है।पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण निचले इलाकों जैसे कच्ची दरगाह, बिदुपुर, और राघोपुर में बाढ़ का पानी घुस गया है। स्थानीय लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं।भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले 48 घंटों में बिहार के उत्तरी हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों को नदी में न जाने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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