पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी प्रगति यात्रा के दौरान शुक्रवार को जमुई जिले का दौरा किया और कहा कि अब बिहार का कोई भी क्षेत्र विकास से अछूता नहीं है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर काम किया है। इसके चलते अब राज्य के किसी भी हिस्से से पटना पहुंचने में अधिकतम पांच घंटे का समय लगेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विकास यात्रा में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है, जिससे कई योजनाएँ सफलतापूर्वक लागू हो रही हैं।इस दौरे में 890 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत और शिलान्यास किया गया। सबसे महत्वपूर्ण घोषणा बरनार जलाशय परियोजना के पुनर्गठन की रही, जो लगभग 50 साल से लंबित थी। इसके शुरू होने से स्थानीय किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा मिलेगी।
इसके अलावा, अपर किऊल जलाशय योजना का विस्तार और इससे जुड़ी नहरों के पक्कीकरण की भी घोषणा की गई, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।मुख्यमंत्री ने चकाई में एक नया डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
साथ ही, गरही डैम को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई गई है, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
किऊल नदी पर नया पुल बनाने का भी ऐलान किया गया, जिससे गरही से लछुआर की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। मुख्यमंत्री की बड़ी घोषणाएँ:
गिद्धौर स्टेडियम का पुनर्निर्माण होगा।
जमुई शहर में नया स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जिसमें शूटिंग रेंज भी होगी
पतनेश्वर धाम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा।
हरनारायणपुर से सिकेरिया गाँव तक सड़क और पुल का निर्माण होगा।
नकटी नदी पर दुर्गा मंदिर से पमैया तक नया पुल बनेगा।चकाई, जमुई सदर और सोनो में नए प्रखंड सह अंचल कार्यालय भवन बनाए जाएंगे।
इस्लामनगर, बरहट और गिद्धौर में प्रखंड कार्यालय और आवासीय परिसर बनेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की बिजली व्यवस्था में भी बड़ा सुधार हुआ है। पहले ग्रामीण इलाकों में बिजली नाममात्र की मिलती थी, लेकिन अब गाँवों में 24 घंटे बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।