इम्पैक्ट लाइव टीम पटना :-बिहार में पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और लू का प्रकोप जारी है, जिसने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। पटना, भागलपुर, गोपालगंज, और अन्य प्रमुख शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, और उमस ने हालात को और बदतर बना दिया है। मौसम विभाग ने अगले दो दिनों तक गर्मी और लू का येलो अलर्ट जारी किया है, लेकिन 12 जून से मॉनसून की शुरुआत के साथ बारिश की संभावना जताई है, जो लोगों को राहत दे सकती है। इस बीच, सरकार और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
पटना के मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बिहार में गर्मी का प्रकोप 10 और 11 जून तक जारी रहेगा। पटना, भागलपुर, गया, और पूर्णिया जैसे शहरों में तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। उमस भरी गर्मी के कारण लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को भागलपुर और गोपालगंज में तापमान 40 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया, जिससे लोग धूप और गर्मी से परेशान हैं। मौसम विभाग ने 26 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें लोगों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
भीषण गर्मी और लू के कारण बिहार में कई जगहों पर लोग लू लगने (हीटस्ट्रोक) और डिहाइड्रेशन की समस्या से जूझ रहे हैं। अस्पतालों में हीटस्ट्रोक और गर्मी से संबंधित बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों, और बाहर काम करने वाले मजदूरों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा है। पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल और पीएमसीएच में पिछले एक हफ्ते में हीटस्ट्रोक के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और लोगों से पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने, और धूप में निकलने से बचने की सलाह दी है।
मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है कि 12 जून से बिहार में मॉनसून की शुरुआत हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाओं, गरज-चमक, और बारिश की संभावना है, जिससे तापमान में 4-5 डिग्री की गिरावट हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बिहार के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों जैसे किशनगंज, पूर्णिया, और मधेपुरा में बारिश की संभावना अधिक है। हालांकि, बारिश के साथ ठनका का भी खतरा है, जिसके लिए पहले से अलर्ट जारी किया गया है।
बिहार सरकार ने गर्मी के प्रकोप को देखते हुए कई कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को अस्पतालों में पर्याप्त दवाइयों और बेड की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है, क्योंकि कई सरकारी स्कूलों में पंखे और पानी की कमी की शिकायतें मिली हैं। कुछ जिलों में प्रशासन ने पानी के टैंकरों की व्यवस्था की है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की कमी न हो।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गर्मी से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत प्रदान की जाए। साथ ही, बिजली आपूर्ति को निर्बाध रखने के लिए बिजली विभाग को अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि गर्मी के कारण बिजली की मांग में भारी वृद्धि हुई है।