इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पूर्वांचल एक्सप्रेस ट्रेन में चेन पुलिंग कर अज्ञात बदमाशों ने यात्रियों से लूटपाट की। यह घटना देर रात उस समय हुई, जब ट्रेन मुजफ्फरपुर के पास थी। करीब 25 मिनट तक बदमाशों ने यात्रियों को डराकर उनके कीमती सामान लूटे, और इस दौरान कोई भी मदद के लिए नहीं पहुंचा।
रात के समय पूर्वांचल एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर मुजफ्फरपुर की ओर बढ़ रही थी। अचानक कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने ट्रेन की चेन खींचकर उसे रोक दिया। इसके बाद एक गिरोह ने ट्रेन के कई डिब्बों में घुसकर यात्रियों को धमकाना शुरू किया। बदमाशों ने यात्रियों से नकदी, मोबाइल फोन, गहने और अन्य कीमती सामान छीन लिए। यात्रियों ने बताया कि बदमाश हथियारों से लैस थे और उन्होंने धमकी दी कि विरोध करने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
लूटपाट की यह घटना लगभग 25 मिनट तक चली, जिस दौरान यात्रियों में दहशत का माहौल रहा। कई यात्रियों ने मदद के लिए चिल्लाने की कोशिश की, लेकिन आसपास कोई सहायता नहीं मिली। ट्रेन के रुकने के बाद बदमाश अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।घटना के बाद जब ट्रेन मुजफ्फरपुर स्टेशन पहुंची, तो प्रभावित यात्रियों ने स्थानीय जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) थाने में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन यात्रियों का आरोप है कि जीआरपी ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया। इससे निराश होकर कुछ यात्रियों ने रेलवे की हेल्पलाइन ‘रेल मदद’ पर शिकायत दर्ज की। साथ ही, कुछ लोगों ने बिहार पुलिस मुख्यालय को पत्र लिखकर इस घटना की जानकारी दी।मामले की गंभीरता को देखते हुए रेल एसपी वीणा कुमारी ने जांच के लिए एक डीआईयू (डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट) गठित की है और इसकी रिपोर्ट तलब की है। प्रारंभिक जांच में संदेह जताया जा रहा है कि यह लूटपाट बिहार-महाराष्ट्र बेल्ट में सक्रिय एक सात सदस्यीय डकैत गिरोह का काम हो सकता है, जो इस तरह की वारदातों को अंजाम देता है।इस घटना ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि ट्रेन में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था, और चेन पुलिंग के बाद भी रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई नहीं की। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर की और रेलवे प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है।इस घटना ने बिहार में रेलवे सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। स्थानीय लोग और यात्री संगठन रेलवे से ट्रेनों में सशस्त्र गार्ड तैनात करने और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, बिहार पुलिस से इस तरह के गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की जा रही है।