इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी पूरी ताकत के साथ दस्तक दे दी है, और मौसम विभाग ने 24 जून 2025 को राज्य के 38 में से 31 जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर बिहार के कई जिलों में पिछले 24 घंटों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे तापमान में कमी आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि, सड़कों पर जलजमाव और यातायात बाधित होने की समस्याएं भी सामने आई हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बिहार में मानसून 17 जून को समय पर पहुंचा, लेकिन अब तक बारिश सामान्य से 26% कम दर्ज की गई है। हालांकि, अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से उत्तर बिहार के जिलों जैसे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, और दरभंगा में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग ने तेज हवाओं 40-50 किमी/घंटा, कुछ स्थानों पर 60 किमी/घंटा तक चल सकती है और आकाशीय बिजली के साथ बारिश की चेतावनी भी है।
गोपालगंज, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में भारी बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। नेपाल और झारखंड में हो रही मूसलाधार बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी पड़ रहा है, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
राजधानी पटना में बादल छाए हुए हैं, और हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है, लेकिन कुछ इलाकों में सड़कों पर जलजमाव की समस्या देखी गई है। गया और नवादा जैसे जिलों में पहले भारी बारिश दर्ज की गई थी । अब भी इन क्षेत्रों में बारिश का अलर्ट जारी है।मौसम विभाग के अनुसार, 27 जून तक बिहार में बारिश की गतिविधियां और तेज होंगी। कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश (100-200 मिमी) और मेघ गर्जन के साथ आंधी की संभावना है। उत्तर बिहार में बाढ़ का खतरा बना हुआ है, क्योंकि नेपाल से आने वाली नदियों में पानी का स्तर बढ़ रहा है।लगातार बारिश और नेपाल में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कोसी, गंडक, और बागमती जैसी नदियों में उफान की आशंका है।