इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले को लेकर चल रही प्रक्रिया पर अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने साफ कर दिया है कि तबादले की प्रक्रिया अब रुकने वाली नहीं है। उन्होंने शिक्षकों को चेतावनी दी है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए तबादले जरूरी हैं और इसे हर हाल में पूरा किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब शिक्षक संगठनों और शिक्षकों की ओर से तबादले की प्रक्रिया को लेकर कई शिकायतें और विरोध सामने आ रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने हाल ही में एक बयान में कहा कि बिहार में शिक्षकों की कमी को दूर करने और स्कूलों में शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करने के लिए तबादले की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तबादले की प्रक्रिया को किसी भी हाल में रोका नहीं जाएगा। यह बयान उन शिक्षकों के लिए सख्त संदेश है, जो तबादले के आदेशों का विरोध कर रहे हैं या अपनी पोस्टिंग से असंतुष्ट हैं।सिद्धार्थ ने कहा, शिक्षकों को कई चरणों में तबादला किया गया है, लेकिन कई शिक्षक 400 किलोमीटर की दूरी से 30 किलोमीटर की दूरी पर पोस्टिंग होने के बावजूद असंतुष्ट हैं। इसके लिए अब ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए तबादले की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जा रहा है।शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की सुविधा के लिए एक नया ऑनलाइन स्व-तबादला सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत शिक्षक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद के स्कूल और स्थान के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कदम शिक्षकों की शिकायतों को दूर करने और तबादला प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए उठाया गया है। सिद्धार्थ ने बताया कि जिला स्थापना समिति शिक्षक-छात्र अनुपात को ध्यान में रखकर तबादले को अंतिम रूप देगी।
इसके अलावा, म्यूचुअल ट्रांसफर की बाध्यता को भी हटा दिया गया है, जिससे शिक्षकों को अपनी मर्जी से स्थान और स्कूल चुनने की आजादी मिलेगी। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जुलाई 2025 से शुरू हो चुकी है।शिक्षक संगठनों ने म्यूचुअल ट्रांसफर के आदेशों को लेकर कड़ा विरोध जताया है। शिक्षक नेता आनंद कौशल ने 5 जुलाई तक सभी शिक्षकों के तबादले की मांग की थी और म्यूचुअल ट्रांसफर के आदेश को तत्काल वापस लेने की अपील की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एसीएस सिद्धार्थ से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था।हालांकि, सिद्धार्थ ने शिक्षक संगठनों के साथ सकारात्मक वार्ता की बात कही है। उन्होंने बताया कि 75,000 शिक्षकों के तबादले पर काम पूरा हो चुका है और शिक्षा विभाग शिक्षकों की मांगों को ध्यान में रखकर समाधान निकाल रहा है।
एसीएस सिद्धार्थ ने शिक्षकों को सख्त चेतावनी दी है कि अगर वे पढ़ाने के बजाय स्कूल में गपशप करते पाए गए, तो उनका तबादला सीमावर्ती क्षेत्रों (बॉर्डर एरिया) में कर दिया जाएगा।शिक्षा विभाग ने हाल ही में 10,322 शिक्षकों, खासकर महिला शिक्षकों, के तबादले का आदेश जारी किया था। इसमें 2,043 शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से जिला और स्कूल आवंटित किए गए, जबकि 6,335 शिक्षिकाओं को केवल जिला आवंटन प्रदान किया गया। हालांकि, 4,000 से अधिक शिक्षकों ने तबादले से इनकार कर दिया, जिसे शिक्षा विभाग ने बड़ी चुनौती माना है। विभाग अब इन शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई पर विचार कर रहा है।