इम्पैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के शिक्षा विभाग में एक बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसमें ई-शिक्षा कोष के तहत 10.29 लाख छात्रों के डेटा में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। इन गड़बड़ियों में गलत जन्मतिथि, बैंक खाता विवरण, और अभिभावकों के नाम जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों में त्रुटियां शामिल हैं। इस मामले ने बिहार सरकार की डिजिटल शिक्षा प्रणाली और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने सभी जिलाधिकारियों को तीन दिनों के भीतर डेटा सुधारने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने का सख्त निर्देश दिया है।
बिहार शिक्षा विभाग ने ई-शिक्षा कोष के तहत छात्रवृत्ति, मुफ्त किताबें, और अन्य योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने के लिए छात्रों का डेटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड किया था। यह प्रणाली ऑनलाइन सुविधा प्रणाली और अन्य डिजिटल टूल्स के जरिए संचालित होती है। हाल ही में हुई जांच में पता चला कि 10.29 लाख छात्रों के रिकॉर्ड में गंभीर त्रुटियां हैं।कई छात्रों की जन्मतिथि गलत दर्ज की गई, जिसके कारण उनकी उम्र और कक्षा में विसंगतियां पाई गईं। कुछ मामलों में, 5 साल के बच्चों को 10वीं कक्षा में दिखाया गया।छात्रवृत्ति के लिए दर्ज बैंक खातों में गलत या फर्जी खाते शामिल थे, जिससे धनराशि गलत व्यक्तियों तक पहुंचने की आशंका है।कई रिकॉर्ड्स में अभिभावकों के नाम गलत, अधूरे, या पूरी तरह अनुपस्थित थे, जिससे पहचान सत्यापन में समस्याएं आईं।कुछ स्कूलों ने कथित तौर पर गैर-मौजूद छात्रों के नाम पर रजिस्ट्रेशन कर सरकारी फंड हड़पने की कोशिश की।इन गड़बड़ियों ने न केवल योजनाओं के लाभ को पात्र छात्रों तक पहुंचने से रोका, बल्कि डिजिटल प्रणाली में भ्रष्टाचार और लापरवाही की गहरी जड़ें भी उजागर कीं।शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ ने इस घोटाले को गंभीरता से लिया है। 5 फरवरी 2025 को जारी एक आदेश में, उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तीन दिनों के भीतर गलत डेटा को ठीक करें और संबंधित स्कूलों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करें। सिद्धार्थ ने कहा, यह गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी अधिकारियों और स्कूल प्रबंधनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
विभाग ने शिकायतों के समाधान के लिए पांच मोबाइल नंबर (9431433808, 8210374124, 8210174183, 9123461771, और 9471600533) जारी किए हैं, ताकि लोग सीधे अपर मुख्य सचिव से संपर्क कर सकें। इसके अलावा, डेटा प्रबंधन को पारदर्शी बनाने के लिए नए शैक्षणिक सत्र से 31,297 मिडिल स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा लागू करने की योजना है।