Thursday 16-Apr-2026

बिहार शिक्षा विभाग में घूसकांड: डीपीओ और शिक्षक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

बिहार शिक्षा विभाग में घूसकांड: डीपीओ और शिक्षक रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

इंपैक्ट लाइव टीम पटना : बिहार के शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। नालंदा जिले में निगरानी विभाग की टीम ने शिक्षा विभाग के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनिल कुमार और एक सरकारी स्कूल के शिक्षक संजय को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 23 जून 2025 को हिलसा के महंत विद्यानंदन इंटर कॉलेज में की गई।

निगरानी विभाग को सूचना मिली थी कि डीपीओ अनिल कुमार और शिक्षक संजय एक जांच कमेटी गठन के नाम पर रिश्वत मांग रहे थे। सूत्रों के अनुसार, यह रिश्वत हिलसा के महंत विद्यानंदन इंटर कॉलेज में किसी कार्य को मंजूरी देने या जांच को प्रभावित करने के लिए ली जा रही थी। निगरानी विभाग ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और दोनों आरोपियों को रिश्वत की राशि लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया।निगरानी विभाग की टीम ने इस ऑपरेशन को गुप्त रूप से अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान डीपीओ अनिल कुमार और शिक्षक संजय के पास से 20,000 रुपये की नकद राशि बरामद की गई, जो रिश्वत के रूप में ली गई थी। दोनों को हिरासत में ले लिया गया और उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह कोई पहला मामला नहीं है, और दोनों पहले भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

यह घटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में हुई है, जिसके कारण प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है। नीतीश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती रही है, और इस कार्रवाई को उसी दिशा में एक कदम माना जा रहा है। निगरानी विभाग ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी मुहिम जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।बिहार के शिक्षा विभाग में पहले भी भ्रष्टाचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में, केंद्र सरकार के स्कूल इंडेक्स में बिहार की स्थिति को खराब बताया गया था, जिसमें बुनियादी ढांचे और डिजिटल शिक्षा की कमी को उजागर किया गया। इस घूसकांड ने विभाग की विश्वसनीयता पर और सवाल उठाए हैं। शिक्षक समुदाय और स्थानीय लोग इस घटना से आक्रोशित हैं और मांग कर रहे हैं कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।

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